संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,17जून2026
छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने की दिशा में,एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राज्य नीति आयोग और यूनिसेफ इंडिया के बीच नवा रायपुर स्थित नीति भवन में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में विकसित छत्तीसगढ़ प्रगति फ्रेमवर्क, बाल कल्याण सूचकांक, बच्चों के लिए सार्वजनिक वित्त, सामाजिक व्यवहार परिवर्तन और महत्वाकांक्षी ‘बस्तर अंजोर’ कार्यक्रम पर विस्तृत चर्चा हुई।
राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्रा ने कहा,कि विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना में बच्चे केवल लाभार्थी नहीं बल्कि विकास की आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि जब तक हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और सुरक्षा उपलब्ध नहीं होगी, तब तक विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य अधूरा रहेगा।बैठक में यूनिसेफ इंडिया की फील्ड सेवा प्रमुख सोलेदाद हेरेरो, यूनिसेफ छत्तीसगढ़ प्रमुख सीमा कुमार और सामाजिक नीति विशेषज्ञ डॉ. बाल परितोष दाश सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
🟠देश का पहला राज्य-स्तरीय बाल कल्याण सूचकांक बनेगा
राज्य नीति आयोग ने जानकारी दी,कि छत्तीसगढ़ देश का पहला ऐसा राज्य बनने जा रहा हैं, जहां बच्चों की स्थिति का मूल्यांकन करने के लिए राज्य-विशिष्ट बाल कल्याण सूचकांक और बाल वंचना सूचकांक विकसित किया जाएगा। इससे बच्चों तक सरकारी योजनाओं की पहुंच और सेवा वितरण की कमियों का सटीक आकलन हो सकेगा।यूनिसेफ ने इस पहल को राष्ट्रीय स्तर पर अनुकरणीय मॉडल बताते हुए इसकी सराहना की।
🟠बस्तर अंजोर कार्यक्रम को मिला वैश्विक समर्थन
बैठक में ‘बस्तर अंजोर’ कार्यक्रम को आदिवासी और बाल विकास के लिए ऐतिहासिक अवसर बताया गया। यह कार्यक्रम बस्तर संभाग के सातों जिलों में स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा हैं।यूनिसेफ ने बस्तर अंजोर को संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में विकास की नई रोशनी बताया और इसके औपचारिक लोकार्पण में रणनीतिक भागीदार के रूप में शामिल होने की सहमति दी।
🟠नीति और जमीनी क्रियान्वयन के बीच बनेगा मजबूत सेतु
राज्य नीति आयोग और यूनिसेफ द्वारा संयुक्त रूप से स्थापित विकसित छत्तीसगढ़ सामाजिक नीति सहयोग इकाई (VC-SPS Unit) को भी बैठक में सराहा गया। यह इकाई बाल कल्याण, सामाजिक सुरक्षा, बजट विश्लेषण और साक्ष्य आधारित नीति निर्माण में राज्य सरकार को तकनीकी सहयोग प्रदान कर रही हैं।
🟠जागरूकता और व्यवहार परिवर्तन पर विशेष जोर
बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि केवल योजनाएं बनाना पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि समुदायों में विश्वास निर्माण और सकारात्मक व्यवहार परिवर्तन भी जरूरी हैं। विशेष रूप से बस्तर जैसे आदिवासी क्षेत्रों में पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा और बाल संरक्षण को लेकर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।
🟠यूनिसेफ ने बढ़ाया सहयोग का दायरा
यूनिसेफ इंडिया की फील्ड सेवा प्रमुख सोलेदाद हेरेरो ने कहा,कि वर्ष 2019 से यूनिसेफ छत्तीसगढ़ सरकार का विश्वसनीय साझेदार रहा हैं और आने वाले समय में विकसित छत्तीसगढ़, बस्तर अंजोर, बाल कल्याण सूचकांक तथा बच्चों के लिए सार्वजनिक वित्त जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और विस्तार दिया जाएगा।












