न्यूज डेस्क,धरमजयगढ़,छत्तीसगढ़,26जून2026
रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ स्थित सिविल अस्पताल में,जिला खनिज न्यास (DMF) मद से कराए जा रहे, रिन्यूवेशन कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों और अस्पताल से जुड़े सूत्रों का आरोप हैं,कि निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी की जा रही हैं,तथा गुणवत्ताहीन सामग्री का उपयोग किया जा रहा हैं। इससे सरकारी धन के उपयोग और निर्माण की गुणवत्ता को लेकर चर्चा तेज हो गई हैं।आरोप हैं, कि अस्पताल की दीवारों पर लगाए जा रहे टाइल्स को निर्धारित तकनीकी प्रक्रिया के बजाय सामान्य सीमेंट से चिपकाया जा रहा हैं। विशेषज्ञों के अनुसार टाइल्स लगाने के लिए विशेष टाइल एडहेसिव का उपयोग अधिक टिकाऊ और सुरक्षित माना जाता हैं। ऐसे में निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।
वहीं अस्पताल के वार्डों में मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए,उपयुक्त गुणवत्ता के टाइल्स लगाए जाने थे, लेकिन मौके पर अलग प्रकार के टाइल्स लगाए जाने का आरोप हैं। जानकारी के अनुसार जब बीएमओ ने ठेकेदार से इस संबंध में चर्चा की तो ठेकेदार ने बताया,कि आवश्यक टाइल्स स्थानीय स्तर पर उपलब्ध नहीं हैं और बाहर से मंगाने में 20 से 25 दिन लगेंगे, इसलिए फिलहाल उपलब्ध टाइल्स लगाए जा रहे हैं।इस पूरे मामले में बीएमओ ने कहा,कि टाइल्स लगाने में किस सामग्री का उपयोग किया जाता हैं,इसकी तकनीकी जानकारी उन्हें नहीं है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया,कि क्षेत्र में नया अस्पताल निर्माणाधीन हैं।
दूसरी ओर लोक निर्माण विभाग (PWD) के इंजीनियर का कहना हैं,कि ठेकेदार को गुणवत्तापूर्ण कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं और विभाग समय-समय पर निर्माण कार्य का निरीक्षण भी कर रहा हैं।हालांकि सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि निरीक्षण के बावजूद निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं, तो इसकी जवाबदेही किसकी होगी? अस्पताल जैसे संवेदनशील संस्थान में निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही मरीजों की सुरक्षा और सरकारी धन दोनों पर सवाल खड़े करती हैं। अब लोगों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि अनियमितता पाई जाती हैं,तो जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।












