अर्पित तिवारी,बलरामपुर,छत्तीसगढ़,29जून 2026
बलरामपुर जिले के अंतरराज्यीय धनवार बैरियर पर, वन विभाग ने लकड़ी तस्करी के एक नए और शातिर तरीके का पर्दाफाश किया हैं। नियमित जांच के दौरान एक संदिग्ध पिकअप वाहन को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें ऊपर खीरे की खेप लोड थी,जबकि उसके नीचे बड़ी मात्रा में बेशकीमती इमारती लकड़ी छिपाकर रखी गई थी। जांच में तस्करी का खुलासा होने के बाद वन विभाग ने वाहन को जब्त कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।प्रारंभिक जांच के अनुसार तस्करों ने वन अमले और जांच एजेंसियों को गुमराह करने के लिए,लकड़ी को खीरे की खेप के नीचे छिपाया था,ताकि वाहन सामान्य कृषि उपज से भरा दिखाई दे। हालांकि, बैरियर पर तैनात वन कर्मचारियों को वाहन की गतिविधि संदिग्ध लगी। गहन तलाशी लेने पर पूरी तस्करी का खुलासा हो गया।
वन विभाग अब जब्त लकड़ी की प्रजाति, मात्रा और उसके स्रोत की जांच कर रहा हैं। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा हैं,कि लकड़ी किस वन क्षेत्र से काटी गई थी और इस अवैध कारोबार में कौन-कौन लोग शामिल हैं। पूरे नेटवर्क की जांच तेज कर दी गई हैं।इस कार्रवाई के बाद जिले में अवैध लकड़ी कटाई और तस्करी को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना हैं,कि जंगलों से लगातार अवैध कटाई हो रही हैं,और तस्कर नए-नए तरीके अपनाकर वन संपदा को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप हैं,कि कई क्षेत्रों में पेड़ों की अंधाधुंध कटाई के कारण हरियाली तेजी से खत्म हो रही हैं,और जंगलों में केवल ठूंठ नजर आ रहे हैं।वन विभाग की यह कार्रवाई तस्करों के खिलाफ सख्त संदेश मानी जा रही हैं। हालांकि विशेषज्ञों का मानना हैं, कि केवल वाहनों की जब्ती पर्याप्त नहीं हैं,बल्कि अवैध कटाई से लेकर परिवहन और खरीद-फरोख्त तक पूरे नेटवर्क पर लगातार निगरानी और कड़ी कार्रवाई जरूरी हैं, ताकि प्रदेश की वन संपदा को सुरक्षित रखा जा सके।












