अर्पित तिवारी,बलरामपुर,छत्तीसगढ़,1जुलाई 2026
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की महत्वाकांक्षी ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’ अभियान को जमीनी स्तर पर सफल बनाने के लिए,बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में व्यापक तैयारियां शुरू हो गई हैं। जिले में अभियान के प्रभावी संचालन के लिए जिला पंचायत सभाकक्ष में जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनरों का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी एवं जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी नयनतारा सिंह तोमर ने, अभियान की विस्तृत कार्ययोजना, सर्वेक्षण प्रक्रिया और विभागीय जिम्मेदारियों की जानकारी दी।इस अभियान का उद्देश्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र हितग्राही सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।
🟠17 विभागों की 31 योजनाओं का होगा घर-घर सर्वे
‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’ अभियान के तहत जिले में 17 विभागों की 31 प्रमुख हितग्राहीमूलक योजनाओं का व्यापक सर्वेक्षण किया जाएगा। सर्वे दल प्रत्येक घर तक पहुंचकर परिवारों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति का आकलन करेंगे और यह जांचेंगे,कि उन्हें शासन की कौन-कौन सी योजनाओं का लाभ मिला हैं, तथा कौन-कौन सी योजनाओं से वे अब भी वंचित हैं।सर्वेक्षण के आधार पर पात्र हितग्राहियों को संबंधित योजनाओं से जोड़ते हुए जिले में योजनाओं का शत-प्रतिशत सैचुरेशन सुनिश्चित किया जाएगा।
🟠कलेक्टर बोलीं फील्ड में उतरकर करें वास्तविक स्थिति का आकलन
प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा,कि अभियान केवल सर्वे तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसका उद्देश्य प्रत्येक जरूरतमंद परिवार तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना हैं।उन्होंने कहा,कि मास्टर ट्रेनर विकासखंड स्तर पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों को ऐसा प्रशिक्षण दें, जिससे ग्राम स्तर पर सर्वेक्षण पूरी पारदर्शिता, गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के अनुरूप संपन्न हो।कलेक्टर ने सभी जिला अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे स्वयं फील्ड में पहुंचकर सर्वेक्षण कार्य की निगरानी करें और वास्तविक आंकड़ों के आधार पर योजनाओं से वंचित पात्र हितग्राहियों की पहचान सुनिश्चित करें।
🟠आंगनबाड़ी, मितानिन, पटवारी और रोजगार सहायकों की रहेगी अहम भूमिका
अभियान को सफल बनाने के लिए,रोजगार सहायकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिन, एएनएम, पटवारी एवं अन्य सर्वे दलों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। ये सभी टीम घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगी और जरूरतमंद परिवारों को योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया पूरी करेंगी।जिला प्रशासन ने निर्देश दिए हैं,कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि किसी भी पात्र परिवार का नाम छूटने न पाए।
🟠डिजिटल और भौतिक दोनों स्तर पर होगा डेटा सत्यापन
प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनरों को सर्वे प्रपत्र भरने, परिवारवार जानकारी एकत्र करने, डिजिटल एवं भौतिक डेटा सत्यापन, पोर्टल पर जानकारी अपलोड करने तथा विभागवार समीक्षा की पूरी प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया गया।प्रशिक्षण प्राप्त मास्टर ट्रेनर अब विकासखंड स्तर पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशिक्षित करेंगे, जिससे पूरे जिले में एक समान और त्रुटिरहित सर्वेक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
🟠1 जुलाई से 11 अगस्त तक चलेगा विशेष अभियान
जिला पंचायत सीईओ नयनतारा सिंह तोमर ने कहा, कि अभियान की सफलता सभी विभागों के संयुक्त प्रयास और सही डेटा संग्रहण पर निर्भर करेगी। उन्होंने मास्टर ट्रेनरों से अपील की,कि वे ब्लॉक स्तर पर प्रशिक्षण के दौरान सर्वे प्रक्रिया को सरल, स्पष्ट और व्यवहारिक तरीके से समझाएं।उन्होंने बताया,कि 1 जुलाई से 11 अगस्त 2026 तक जिले में चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण, ग्राम स्तरीय सर्वेक्षण, हितग्राही सत्यापन और विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे।
🟠अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा शासन का लाभ
अभियान के अंतर्गत खाद्य सुरक्षा, प्रधानमंत्री आवास, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास, कौशल विकास, रोजगार, प्रमाण-पत्र सहित अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाया जाएगा।जिला प्रशासन का लक्ष्य हैं,कि “सरकार की हर योजना, हर पात्र परिवार तक” पहुंचे और बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में शासन की योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ सुनिश्चित किया जा सके।












