न्यूज डेस्क,छाल,छत्तीसगढ़,4जुलाई 2026
एसईसीएल के छाल उपक्षेत्र में कोल इंडिया वेलफेयर टीम के दौरे को लेकर,स्थानीय स्तर पर सवाल उठने लगे हैं। कुछ स्थानीय लोगों और मीडिया प्रतिनिधियों का आरोप हैं,कि निरीक्षण के दौरान टीम ने मीडिया से दूरी बनाए रखी और क्षेत्र की वास्तविक समस्याओं पर खुलकर चर्चा नहीं की गई।जानकारी के अनुसार, पांच प्रमुख श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों की संयुक्त टीम नावपारा आवासीय कॉलोनी में विकास कार्यों और बुनियादी सुविधाओं का निरीक्षण करने पहुंची। टीम में महेंद्र पाल सिंह (बीएमएस), बजरंगी साही (एचएमएस), राजेश शर्मा (एटक), प्रीतम नाथ पाठक (इंटक) और अमृत लाल विश्वकर्मा (सीटू) शामिल थे।स्थानीय मीडिया का आरोप हैं,कि निरीक्षण के दौरान टीम ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देने से परहेज किया। इससे दौरे की पारदर्शिता और उद्देश्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
🟠स्थानीय लोगों ने उठाए बुनियादी सुविधाओं के मुद्दे
स्थानीय लोगों का कहना है कि कॉलोनी और खदान क्षेत्र में कई बुनियादी समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं। उनका आरोप हैं,कि ऐसे निरीक्षण अक्सर औपचारिकता बनकर रह जाते हैं,और समस्याओं के स्थायी समाधान की दिशा में अपेक्षित कदम नहीं उठाए जाते।
🟠प्रबंधन और यूनियनों पर भी उठे सवाल
कुछ स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया,कि निरीक्षण के दौरान स्वागत-सत्कार पर अधिक जोर दिया गया, जबकि श्रमिकों और कॉलोनीवासियों की वास्तविक समस्याओं पर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई गई। हालांकि, इन आरोपों पर एसईसीएल प्रबंधन या संबंधित श्रमिक संगठनों की ओर से खबर लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई हैं।अब स्थानीय लोगों की नजर इस बात पर हैं,कि निरीक्षण के बाद वेलफेयर टीम की सिफारिशों के आधार पर कॉलोनी और श्रमिकों की समस्याओं के समाधान के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।












