न्यूज डेस्क,सारंगढ़,छत्तीसगढ़,7जुलाई 2026
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में साइबर ठग लगातार नए-नए हथकंडे अपनाकर लोगों को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं। इस बार ठगों ने खुद को दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताकर,एक युवक को फोन किया और यूट्यूब पर कथित अश्लील फोटो-वीडियो हटाने के नाम पर रुपये मांगने लगे। हालांकि युवक की सतर्कता और समय पर मिली सही सलाह के कारण साइबर ठगों की यह साजिश नाकाम हो गई।
🟠दिल्ली पुलिस बनकर बनाया दबाव
जानकारी के अनुसार, सारंगढ़ क्षेत्र के ग्राम बंधापाली निवासी एक युवक को रविवार दोपहर एक संदिग्ध कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताते हुए,बैकग्राउंड में पुलिस कंट्रोल रूम जैसा माहौल तैयार किया ताकि उसकी बात पर भरोसा हो जाए। इसके बाद उसने युवक से कहा,कि उसके नाम से यूट्यूब पर अश्लील फोटो और वीडियो अपलोड हैं, जिन्हें हटाने के लिए तुरंत पैसे जमा करने होंगे।
🟠जागरूकता ने बचाई ठगी से
युवक ने घबराने के बजाय अपने परिचित एवं जनसंपर्क अधिकारी से संपर्क किया। उन्होंने तुरंत समझाया,कि यह साइबर अपराधियों की नई चाल हैं। और ऐसे कॉल पूरी तरह फर्जी होते हैं। युवक को संबंधित नंबर ब्लॉक करने तथा आवश्यकता पड़ने पर पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई। इसी सतर्कता के चलते युवक साइबर ठगी का शिकार होने से बच गया।
🟠APK फाइल और फर्जी ई-चालान से भी रहें सावधान
साइबर ठग इन दिनों फर्जी ई-चालान, प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम किसान सम्मान निधि और अन्य सरकारी योजनाओं के नाम पर व्हाट्सएप के जरिए APK फाइल भेज रहे हैं। इन फाइलों को डाउनलोड करते ही मोबाइल का नियंत्रण ठगों के हाथ में जा सकता हैं,और बैंक खातों से रकम भी गायब हो सकती हैं।
🟠पुलिस की अपील किसी भी लिंक पर आंख बंद कर भरोसा न करें
पुलिस ने लोगों से अपील की हैं,कि किसी भी अनजान कॉल, लिंक, मैसेज या APK फाइल पर भरोसा न करें। यदि ई-चालान की जांच करनी हो तो केवल परिवहन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर ही ओटीपी के माध्यम से सत्यापन करें। किसी भी व्यक्ति को ओटीपी, बैंक डिटेल या ऑनलाइन भुगतान न करें। यदि कोई संदिग्ध कॉल या मैसेज प्राप्त होता हैं,तो तुरंत नजदीकी पुलिस थाना या साइबर हेल्पलाइन पर इसकी सूचना दें।












