न्यूज डेस्क,जशपुर,छत्तीसगढ़,10जुलाई 2026
जशपुर जिले के मनोरा स्थित पीएम श्री शासकीय उत्कृष्ट हिंदी एवं अंग्रेजी माध्यम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के औचक निरीक्षण के दौरान मुख्य, कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) जिला पंचायत अभिषेक कुमार ने शिक्षा व्यवस्था, अनुशासन और आधारभूत सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान लंबे समय से अनुपस्थित कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए, वहीं विद्यालय की अधोसंरचना और विद्यार्थियों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कई अहम फैसले लिए गए।निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी नरेंद्र कुमार सिन्हा, विकासखंड शिक्षा अधिकारी तरुण कुमार पटेल तथा प्रोग्रामर अरुण कुमार चंद्रा भी मौजूद रहे।
🟠अनुपस्थित कर्मचारियों पर होगी कार्रवाई
सीईओ ने लंबे समय से अनुपस्थित सहायक ग्रेड-3 बलदेव पैंकरा के संबंध में विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। वहीं अनुपस्थित व्याख्याता मधुरलता बंजारे और नैंसी तिर्की को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
🟠स्कूल में होंगे बड़े सुधार
विद्यालय की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए सीईओ ने कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। इनमें—
🔸️विद्यालय और शौचालयों की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करना।
🔸️विद्यार्थियों के लिए शुद्ध पेयजल हेतु वाटर फिल्टर लगाना।
🔸️मध्यान्ह भोजन भवन में सुरक्षा जाली लगाना।
🔸️परिसर में पेवर ब्लॉक बिछाना।
🔸️प्रार्थना सभा (असेंबली) के लिए मंच का निर्माण।
🔸️सभी कक्षाओं में पर्याप्त रोशनी के लिए ट्यूब लाइट लगाना।
🔸️प्रत्येक कक्षा में छात्र संख्या एवं समय-सारणी प्रदर्शित करना।
🟠कंप्यूटर और विज्ञान लैब पर विशेष फोकस
सीईओ ने फिजिक्स लैब के आधुनिकीकरण और कंप्यूटर लैब का विद्यार्थियों द्वारा नियमित उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही कंप्यूटर लैब में विद्यार्थियों की गतिविधियों का वीडियो बनाकर प्रगति प्रतिवेदन के साथ जिला पंचायत कार्यालय भेजने को भी कहा गया। खेलकूद सुविधाओं को मजबूत करने के लिए भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
🟠शिक्षा की गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता
निरीक्षण के बाद सीईओ अभिषेक कुमार ने कहा कि विद्यालयों में केवल भवन और सुविधाओं का विकास ही नहीं, बल्कि अनुशासन और प्रशासनिक व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा हैं, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर वातावरण मिल सके। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बच्चों के भविष्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।











