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अयोध्या में लोकव्यवस्था जागरण अभियान का दो दिवसीय प्रांतीय अधिवेशन संपन्न,रामानुजगंज से 200 से अधिक लोगों की सहभागिता

अर्पित तिवारी,रामानुजगंज,छत्तीसगढ़,26जुलाई 2026

भगवान श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या धाम में 25 और 26 जुलाई को आयोजित लोकव्यवस्था जागरण अभियान के,दो दिवसीय प्रांतीय अधिवेशन का सफलतापूर्वक समापन हुआ। मार्गदर्शक सामाजिक शोध संस्थान, रामानुजगंज के तत्वावधान में आयोजित इस अधिवेशन में देश के लगभग 10 राज्यों से आए सामाजिक कार्यकर्ताओं,ज्ञान केंद्र संचालकों और प्रतिनिधियों ने भाग लिया। विशेष बात यह रही,कि रामानुजगंज से 200 से अधिक लोगों ने इस आयोजन में सहभागिता कर जिले की उल्लेखनीय उपस्थिति दर्ज कराई।अयोध्या धाम के विवेक सृष्टि,रामघाट, रामसेवकपुरम में आयोजित इस अधिवेशन का मुख्य उद्देश्य देशभर में ज्ञान केंद्रों का विस्तार, सामाजिक एवं संवैधानिक विषयों पर जनजागरण तथा “तंत्र-मुक्त, संविधान-युक्त समाज एवं व्यवस्था” की अवधारणा को जन-जन तक पहुंचाना रहा।

🟠समाज और व्यवस्था परिवर्तन पर हुआ व्यापक मंथन

दो दिनों तक चले अधिवेशन में विभिन्न वैचारिक एवं संगठनात्मक सत्र आयोजित किए गए,जिनमें समाज की स्वशासी भूमिका, लोकशक्ति के संगठन, संविधान आधारित व्यवस्था तथा सामाजिक परिवर्तन के व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि समाज में जागरूक नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से ही सकारात्मक परिवर्तन संभव हैं।कार्यक्रम का संचालन बृजेश राय एवं ज्ञानेंद्र आर्य ने किया। इस अवसर पर ज्ञान यज्ञ परिवार के संरक्षक कन्हैया लाल अग्रवाल तथा प्रमुख मोहन गुप्ता विशेष रूप से उपस्थित रहे।

🟠देशभर से पहुंचे प्रतिनिधियों ने रखे विचार

अधिवेशन में मेरठ से नरेंद्र रघुनाथ सिंह,सुल्तानपुर से संजय तिवारी, पटना से विपुल आदर्श, नालंदा से दीपक, झारखंड से संतोष माखरिया, ओडिशा से सुवेंदु महापात्र, कर्नाटक से एम.एच. पाटिल, महाराष्ट्र से डॉ. प्रकाश किरकिरे, हैदराबाद से के. वीरा स्वामी, बक्सर से आचार्य धर्मेंद्र तथा संभल से बहादुर सिंह सहित विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों ने अपने विचार साझा किए।वैचारिक सत्रों में ओमपाल सिंह और बहादुर सिंह ने बजरंग मुनि के जीवन, व्यक्तित्व एवं विचारों पर प्रकाश डाला। वहीं ज्ञानेंद्र आर्य ने ज्ञान केंद्रों की स्थापना, उनकी आवश्यकता और संचालन प्रणाली की विस्तृत जानकारी दी। अभिशेष अज्ञानी ने निर्दलीय लोकतंत्र विषय पर तथा जे.पी. सिंह ने व्यवस्था परिवर्तन की अवधारणा पर अपने विचार रखे।

🟠रांची और उदयपुर में होंगे अगले अधिवेशन

अधिवेशन के दूसरे दिन केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक में आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की गई। निर्णय लिया गया कि 26–27 सितंबर 2026 को रांची में बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा का संयुक्त प्रांतीय अधिवेशन आयोजित किया जाएगा। वहीं राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश का संयुक्त अधिवेशन दिसंबर मध्य में उदयपुर अथवा उज्जैन में आयोजित करने का निर्णय लिया गया।

🟠संविधान और समाजशास्त्र पर पुस्तक का हुआ विमोचन

कार्यक्रम के दौरान समाज विज्ञानी बृजेश राय द्वारा लिखित संविधान एवं समाजशास्त्र विषयक पुस्तक का भी विधिवत विमोचन किया गया। पुस्तक में समाज, संविधान और व्यवस्था परिवर्तन के वैचारिक संबंधों को नए दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया गया हैं।

🟠ज़ूम के माध्यम से बजरंग मुनि का संबोधन

समापन सत्र की अध्यक्षता आचार्य धर्मेंद्र ने की, जबकि पूरे अधिवेशन की अध्यक्षता रामानुजगंज के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष आर.के. पटेल ने की।समापन अवसर पर बजरंग मुनि ने रायपुर स्थित अपने कार्यालय से ज़ूम के माध्यम से लगभग आधे घंटे तक कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने ज्ञान केंद्रों को वैचारिक जागरण, सामाजिक संवाद और लोकव्यवस्था के पुनर्निर्माण का प्रभावी माध्यम बताते हुए देशभर में अधिक से अधिक ज्ञान केंद्र स्थापित करने और समाज के बीच निरंतर वैचारिक संवाद चलाने का आह्वान किया।कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी प्रतिनिधियों, अतिथियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए ज्ञान केंद्र विस्तार अभियान को और अधिक गति देने का संकल्प लिया। रामानुजगंज से 200 से अधिक लोगों की सक्रिय भागीदारी को अधिवेशन की बड़ी उपलब्धि बताया गया।

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