अर्पित तिवारी,बलरामपुर,छत्तीसगढ़,29जुलाई 2026
जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से,संचालित ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान’ के तहत बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में चल रहे डोर-टू-डोर सर्वे का कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने मैदानी स्तर पर निरीक्षण किया। उन्होंने सर्वे दलों के साथ घर-घर जाकर जानकारी संकलित करने की प्रक्रिया का अवलोकन किया और सर्वे कार्य की गुणवत्ता तथा प्रगति की समीक्षा की।कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सर्वे पूरी सटीकता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ किया जाए, ताकि कोई भी पात्र हितग्राही शासन की योजनाओं से वंचित न रहे।
🟠घर-घर पहुंच रही सर्वे टीम, हर परिवार का हो रहा सत्यापन
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने सर्वे दलों से चर्चा कर जानकारी दर्ज करने की प्रक्रिया को देखा और प्रत्येक परिवार का विवरण बिना किसी त्रुटि के दर्ज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा,कि यह सर्वे केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं,बल्कि शासन की योजनाओं को जरूरतमंदों तक पहुंचाने का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम हैं।उन्होंने कहा,कि सर्वे दल पूरी जिम्मेदारी के साथ प्रत्येक घर तक पहुंचें और पात्र हितग्राहियों की सही पहचान सुनिश्चित करें।
🟠31 जनकल्याणकारी योजनाओं का होगा शत-प्रतिशत संतृप्तिकरण
‘सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान’ के तहत जिले में 31 प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत संतृप्तिकरण सुनिश्चित किया जा रहा हैं। अभियान के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा, प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास योजनाएं, रोजगार, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, कृषि, कौशल विकास तथा अन्य बुनियादी नागरिक सेवाओं से जुड़े पात्र हितग्राहियों की पहचान कर उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा।
🟠”अब लोगों को योजनाओं के लिए भटकना नहीं पड़ेगा”
कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा,कि सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना हैं, कि किसी भी पात्र परिवार को सरकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। प्रशासन स्वयं उनके घर तक पहुंचे, उनकी पात्रता का सत्यापन करे और उन्हें योजनाओं से जोड़े।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए,कि सर्वे कार्य की गुणवत्ता बनाए रखते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर जिले के प्रत्येक परिवार का सर्वे पूरा किया जाए।












