अर्पित तिवारी,बलरामपुर,छत्तीसगढ़,29जुलाई 2026
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में शिक्षा की गुणवत्ता को,बेहतर बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने विकासखंड बलरामपुर और वाड्रफनगर के, कई स्कूलों एवं छात्रावासों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केवल व्यवस्थाओं का जायजा ही नहीं लिया,बल्कि बच्चों के बीच बैठकर पाठ पढ़वाया, पहाड़े सुने,सवाल पूछे और उनकी विषयगत समझ का भी मूल्यांकन किया।
🟠बच्चों के बीच बैठीं कलेक्टर,खुद लिया पाठ
प्राथमिक शाला कोठीखाड़ में कलेक्टर ने विद्यार्थियों से,पाठ पढ़वाकर उनकी शैक्षणिक गुणवत्ता परखी। बच्चों से पहाड़े भी सुने। कुछ बच्चों के उत्तर देने में झिझकने पर उन्होंने शिक्षकों से कहा,कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम पूरा कराना नहीं,बल्कि बच्चों में आत्मविश्वास विकसित करना भी हैं,ताकि वे बिना संकोच अपनी बात रख सकें।
🟠गणवेश,किताबें और मध्यान्ह भोजन की भी ली जानकारी
प्राथमिक शाला तलैयापारा में कलेक्टर ने बच्चों से, समय पर गणवेश और पाठ्यपुस्तक मिलने की जानकारी ली। उन्होंने विद्यार्थियों से पाठ पढ़वाया और स्पष्ट एवं सुंदर लेखन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। विद्यालय परिसर की स्वच्छता और मध्यान्ह भोजन का निरीक्षण करते हुए भोजन में नियमित रूप से हरी सब्जियां शामिल करने के निर्देश भी दिए।
🟠कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों से पूछे विषय आधारित सवाल
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बड़कागांव में, कलेक्टर ने कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों से प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक आर्थिक क्षेत्रों से जुड़े प्रश्न पूछकर उनकी विषयगत समझ का आकलन किया। विद्यार्थियों की कॉपियां और पुस्तकें देखने के बाद उन्होंने कहा कि केवल पाठ पढ़ लेना पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि प्रत्येक अध्याय के बाद प्रश्नोत्तरी और नियमित अभ्यास आवश्यक हैं।उन्होंने शिक्षकों को निर्देश देते हुए कहा कि हर अध्याय के बाद विद्यार्थियों का नियमित मूल्यांकन किया जाए, जिससे उनकी समझ और सीखने की गुणवत्ता लगातार बेहतर हो सके।
🟠छात्रावास में सुविधाओं और सुरक्षा का लिया जायजा
कलेक्टर ने वाड्रफनगर विकासखंड के प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास इंजानी का भी निरीक्षण किया। उन्होंने छात्रावास की स्वच्छता, पेयजल, बिजली, भोजन की गुणवत्ता, सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया।विद्यार्थियों से बातचीत कर उन्होंने पढ़ाई, भोजन और दिनचर्या की जानकारी ली तथा उन्हें बड़े सपने देखने, मेहनत करने और अपनी प्रतिभा को निरंतर निखारने के लिए प्रेरित किया।
🟠छात्र की रचनात्मकता की सराहना
निरीक्षण के दौरान एक विद्यार्थी द्वारा कागज और अन्य उपयोगी सामग्रियों से बनाया गया आकर्षक होल्डर देखकर कलेक्टर ने उसकी रचनात्मक सोच की सराहना की। उन्होंने कहा,कि पढ़ाई के साथ-साथ रचनात्मक गतिविधियां बच्चों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
🟠सुरक्षा में लापरवाही पर तत्काल निर्देश
कलेक्टर ने छात्रावास के शयन कक्षों की खिड़कियों में जाली नहीं होने पर तत्काल जाली लगाने के निर्देश दिए। साथ ही कमरों को अधिक व्यवस्थित रखने और विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।उन्होंने कहा,कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुरक्षित वातावरण और नियमित मूल्यांकन ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव हैं।












