अर्पित तिवारी,बलरामपुर,छत्तीसगढ़,14अगस्त2026
स्वतंत्रता दिवस को लेकर जिले में हर घर तिरंगा अभियान के तहत उत्साह का माहौल हैं। इसी बीच स्व-सहायता समूह की महिलाएं देशभक्ति की भावना के साथ अपने हुनर और मेहनत से तिरंगा तैयार कर रही हैं। महिलाओं द्वारा बनाए गए ये तिरंगे अब आम लोगों तक पहुंच रहे हैं। इससे जहां हर घर तिरंगा अभियान को गति मिल रही हैं,वहीं महिलाओं को रोजगार और आय का अवसर भी मिला हैं।कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन और जिला पंचायत सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी के नेतृत्व में स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार तिरंगों को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए सी-मार्ट में बिक्री के लिए उपलब्ध कराया गया हैं। नागरिक यहां से तिरंगा खरीदकर स्वतंत्रता दिवस पर अपने घर, प्रतिष्ठान और कार्यालय में फहरा सकते हैं।
🟠30 महिलाओं ने तैयार किए 10 हजार तिरंगे
स्वतंत्रता दिवस के लिए जिले के 6 स्व-सहायता समूहों की 30 महिलाएं 7 अगस्त से तिरंगा निर्माण में जुटी हुई हैं। महिलाओं ने अब तक करीब 10 हजार तिरंगे तैयार किए हैं। इनमें से 2500 तिरंगे सी-मार्ट में बिक्री के लिए उपलब्ध कराए गए, जिनमें से 2490 तिरंगों की बिक्री हो चुकी हैं।तिरंगे के आकार के अनुसार उनकी कीमत 30, 50 और 100 रुपये निर्धारित की गई हैं। तिरंगा निर्माण से अब तक स्व-सहायता समूहों को करीब 1 लाख 50 हजार रुपये की आय हो चुकी हैं।
🟠कटिंग से अशोक चक्र तक,महिलाएं खुद तैयार कर रहीं तिरंगा
तिरंगा निर्माण का पूरा काम महिलाएं स्वयं कर रही हैं। कपड़े की कटिंग, सिलाई, तीनों रंगों को निर्धारित आकार में तैयार करना और बीच में अशोक चक्र लगाना जैसे कार्यों में महिलाएं सक्रिय रूप से जुटी हैं। उनके लिए यह काम केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि देशभक्ति और आत्मनिर्भरता से जुड़ा अवसर भी हैं।
🟠‘अपने हाथों से तिरंगा बनाना गर्व की बात’
भवानी समूह से जुड़ी सुधा प्रजापति ने बताया,कि देश की आन, बान और शान के प्रतीक तिरंगे को अपने हाथों से तैयार कर लोगों तक पहुंचाना उनके लिए गर्व और सम्मान की बात हैं। उन्होंने कहा,कि तिरंगे की बिक्री से मिलने वाली आय समूह की आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने में मदद करेगी।उन्होंने कहा,कि अपने हाथों से तैयार किए गए तिरंगे को जब लोग अपने घरों पर फहराएंगे,तो उन्हें भी गर्व महसूस होगा,कि उनकी मेहनत देश के हर घर तक तिरंगे की शान पहुंचाने में योगदान दे रही हैं।
🟠सी-मार्ट और जनपद मुख्यालयों में बिक्री
स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार तिरंगों को बाजार उपलब्ध कराने में सी-मार्ट महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा हैं। इसके अलावा जिले के जनपद पंचायत मुख्यालयों में भी तिरंगों की बिक्री की जा रही हैं,ताकि अधिक से अधिक लोग स्थानीय महिलाओं द्वारा तैयार किए गए तिरंगे खरीदकर हर घर तिरंगा अभियान में, अपनी सहभागिता सुनिश्चित कर सकें।रिंकी सोनी ने बताया कि तिरंगा निर्माण से समूह की महिलाओं को आय का नया अवसर मिला हैं। उन्होंने लोगों से स्वतंत्रता दिवस पर अपने घरों में तिरंगा फहराने और स्थानीय महिलाओं के इस प्रयास को प्रोत्साहित करने की अपील की।
🟠तिरंगे में दिखेगी देशभक्ति के साथ आत्मनिर्भरता की तस्वीर
स्वतंत्रता दिवस पर जब जिले के घरों, प्रतिष्ठानों और कार्यालयों पर तिरंगे लहराएंगे, तब इन तिरंगों में देश के प्रति सम्मान के साथ उन महिलाओं की मेहनत, हुनर और आत्मनिर्भरता की कहानी भी नजर आएगी, जिन्होंने इन्हें अपने हाथों से तैयार किया हैं।












