संदिली सिंह,रायपुर,8अगस्त2025/विशेष रिपोर्ट-Nexis News
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में, 7अगस्त2025 को जांजगीर-चांपा जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित,अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण की उच्चस्तरीय बैठक में ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। सरकार ने अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण का बजट ₹50 करोड़ से बढ़ाकर ₹75 करोड़ कर दिया हैं। इस अवसर पर अनुसूचित जाति समाज के उत्थान और सशक्तिकरण से जुड़ी अनेक योजनाओं और प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई।
मुख्यमंत्री साय ने सभी कलेक्टर्स को सख्त निर्देश देते हुए कहा, कि प्राधिकरण मद से स्वीकृत कार्यों को गंभीरता से लें और उन्हें उच्च गुणवत्ता के साथ तय समय-सीमा में पूर्ण करें। उन्होंने कहा, कि यह केवल बजट की बात नहीं हैं, बल्कि सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों की पूर्ति का सवाल हैं।
🟠मुख्यमंत्री की बड़ी घोषणाएं:
🔸️अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण का बजट ₹50 करोड़ से बढ़ाकर ₹75 करोड़ किया गया।
🔸️अनुसूचित जाति वर्ग के हर वर्ष 5 युवाओं को पायलट प्रशिक्षण हेतु आर्थिक सहायता दी जाएगी।
🔸️गिरौधपुरी धाम के विकास के लिए ₹2 करोड़ की मंजूरी।
🔸️कोचिंग योजना के तहत अजा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए ₹50 लाख की स्वीकृति।
🔸️ट्राइबल यूथ हॉस्टल, दिल्ली में सीट संख्या बढ़ाकर 200 की गई।
🔸️सभी जिला मुख्यालयों में ‘नालंदा परिसर’ के निर्माण की योजना।
🔸️जोड़ा़ जैतखंभ निर्माण में लकड़ी के उपयोग के लिए विशेष स्वीकृति।
🟠सामाजिक न्याय की दिशा में मजबूत पहल:
मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा,कि सरकार संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की मंशा के अनुरूप,अनुसूचित जाति समाज के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने संत गुरु घासीदास जी के “मनखे-मनखे एक समान” के सिद्धांत को रेखांकित करते हुए कहा,कि समाज में समानता और सम्मान की भावना को मजबूत किया जा रहा हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया,कि प्राधिकरण की बैठक अब हर वर्ष,तय समय पर आयोजित की जाएगी और स्वीकृत कार्यों की गहन समीक्षा की जाएगी। वर्षों से लंबित कार्यों पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने कहा,कि ऐसे कार्यों की प्रगति न होना अत्यंत चिंता का विषय हैं।
🟠जांजगीर-चांपा में बैठक क्यों?
मुख्यमंत्री ने बताया,कि यह बैठक जांजगीर-चांपा में इसलिए आयोजित की गई,क्योंकि यह अनुसूचित जाति बाहुल्य जिला हैं। उन्होंने कहा,कि छत्तीसगढ़ अपनी स्थापना के 25वें वर्ष में प्रवेश कर चुका हैं,और यह समय हैं,कि राज्य विकास के नए कीर्तिमान स्थापित करे। उन्होंने यह भी उल्लेख किया,कि यह विकास कार्य पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की संकल्पना के अनुरूप आगे बढ़ रहे हैं।
🟠उप मुख्यमंत्री और प्राधिकरण उपाध्यक्ष के विचार:
बैठक को संबोधित करते हुए,उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा,कि मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में राज्य सरकार समाज के वंचित वर्गों को,मुख्यधारा से जोड़ने के लिए ठोस कार्य कर रही हैं। उन्होंने सभी लंबित योजनाओं को जल्द से जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए और कहा,कि सभी समाजों को साथ लेकर राज्य के समग्र विकास की दिशा में सरकार अग्रसर हैं।
प्राधिकरण के उपाध्यक्ष गुरु खुशवंत साहेब ने,मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए,समाज के विकास हेतु कई महत्वपूर्ण मांगें बैठक में रखीं। इनमें गिरौधपुरी धाम में रोपवे निर्माण, मेला आयोजन के दौरान सुविधाओं का विस्तार, स्नान के लिए जोक नदी में प्रबंध,बाराडेरा धाम के ऐतिहासिक तालाब का संरक्षण और विद्यार्थियों के लिए स्मार्ट क्लास की स्थापना जैसे बिंदु शामिल रहे।
₹49 करोड़ से अधिक के कार्यों को मिली स्वीकृति।बैठक में वर्ष 2020 से 2025 तक प्राधिकरण मद से,स्वीकृत कार्यों की समीक्षा की गई। साथ ही, नागरिक सुविधाओं, सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों और शैक्षणिक सुविधाओं के विस्तार हेतु ₹49 करोड़ से अधिक की राशि के प्रस्तावों को अनुमोदन दिया गया। इन कार्यों का सीधा लाभ अनुसूचित जाति बाहुल्य जिलों को मिलेगा।
🟠राज्यभर के जनप्रतिनिधि और अधिकारी हुए शामिल:
बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, प्राधिकरण उपाध्यक्ष गुरु खुशवंत साहेब, मंत्री दयालदास बघेल, लखनलाल देवांगन, लक्ष्मी राजवाड़े, टंकराम वर्मा, सांसद कमलेश जांगड़े, विधायक पुन्नूलाल मोहले,डोमनलाल कोर्सेवाड़ा सहित 17 जिलों के कलेक्टर, रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग संभाग के आयुक्त व आईजी तथा कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे।
उल्लेखनीय हैं, कि छत्तीसगढ़ के 17 अनुसूचित जाति बाहुल्य जिलों – जैसे जांजगीर-चांपा, सक्ती, बिलासपुर, मुंगेली, रायपुर, गरियाबंद, रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़, दुर्ग, बालोद आदि – में अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण सक्रिय रूप से कार्यरत हैं।












