संदिली सिंह,रायपुर,8अगस्त 2025/विशेष रिपोर्ट-Nexis News
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित और दूरदराज़ के इलाकों में, सड़क संपर्क और आधारभूत संरचना को मज़बूती देने के, उद्देश्य से केंद्र सरकार ने एक बड़ी पहल करते हुए,₹195 करोड़ की सहायता राशि स्वीकृत की हैं। यह राशि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए RCPLWEA (Road Connectivity Project for Left Wing Extremism Affected Areas) के तहत मंजूर की गई हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने,इस स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए, कहा कि,
“यह निधि उन क्षेत्रों के लिए विकास, विश्वास और शांति की मजबूत आधारशिला सिद्ध होगी, जो लंबे समय से नक्सली हिंसा और भौगोलिक चुनौतियों से जूझते रहे हैं।”
🟠10 नक्सल प्रभावित जिलों को होगा सीधा लाभ:
यह राशि विशेष रूप से राज्य के दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा, नारायणपुर, कांकेर, बस्तर, राजनांदगांव, बलरामपुर, कोंडागांव और जशपुर जिलों के लिए स्वीकृत की गई हैं। इन जिलों के ग्रामीण इलाकों में नई ऑल-वेदर सड़कों, मौजूदा मार्गों के उन्नयन, पुलों और क्रॉस-ड्रेनेज संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा।
इन संपर्क मार्गों के माध्यम से,बस्तियों को ब्लॉक और जिला मुख्यालयों, स्कूलों, अस्पतालों और बाज़ारों से जोड़ा जाएगा, जिससे शासन की पहुंच और सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों में बड़ा सुधार आने की उम्मीद हैं।
🟠निधियों का पारदर्शी और तकनीकी ढंग से प्रबंधन:
स्वीकृत ₹195 करोड़ में से ₹190.61 करोड़ कार्यक्रम निधि और ₹4.38 करोड़ प्रशासनिक व्यय के रूप में दिए गए हैं। यह राशि केंद्र सरकार की “जस्ट-इन-टाइम फंड रिलीज़” प्रणाली के अंतर्गत स्पर्श (Single Nodal Agency – SNA) मॉडल के माध्यम से राज्य को जारी की गई हैं।
प्रशासनिक निधि का उपयोग मॉनिटरिंग एवं मूल्यांकन (M&E), तकनीकी सहायता, क्षमता निर्माण, और MIS प्लेटफॉर्म के माध्यम से डेटा प्रबंधन में किया जाएगा।
🟠पुरानी परियोजनाओं में हुआ समायोजन:
यह स्वीकृति पूर्व स्वीकृत परियोजनाओं के अंतर्गत समायोजित की गई हैं, जिसमें बैच-I (2019-20) के ₹56.82 करोड़ और बैच-I (2022-23) के ₹133.79 करोड़ शामिल हैं। समायोजन के बाद ₹217.39 करोड़ की राशि अब भी आगामी रिलीज के लिए शेष हैं।
🟠सख्त दिशानिर्देश और जवाबदेही सुनिश्चित:
ग्रामीण विकास मंत्रालय ने राज्य सरकार से योजना के अनुसार त्वरित और प्रभावी क्रियान्वयन का आग्रह किया हैं। साथ ही वित्त मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार, योजना पूर्ण होने के बाद सभी SNA खातों को बंद कर बची हुई, केंद्रीय राशि भारत की समेकित निधि (CFI) में लौटाना अनिवार्य होगा।
यह निर्णय न केवल, संपर्क सुविधाओं के विस्तार को गति देगा, बल्कि सुशासन, सामाजिक समरसता और स्थायी शांति की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा हैं।












