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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया बस्तर का दौरा, बाढ़ प्रभावित परिवारों को दिलाया हरसंभव मदद का भरोसा

संदिली सिंह,रायपुर,2सितंबर2025/विशेष रिपोर्ट-Nexis News मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने,बस्तर संभाग के बाढ़ प्रभावित जिलों दंतेवाड़ा और बस्तर का हवाई सर्वेक्षण एवं जमीनी निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएँ सुनीं और जिला प्रशासन को राहत एवं पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा,कि “बाढ़ से प्रभावित प्रत्येक परिवार तक समय पर सहायता पहुँचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं।” उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशीलता और तत्परता के साथ काम करने पर जोर दिया।

🟠राहत शिविर का निरीक्षण, पीड़ितों से सीधे संवादमुख्यमंत्री साय दंतेवाड़ा के चूड़ीटिकरा पारा स्थित अस्थायी राहत शिविर पहुँचे। यहाँ उन्होंने प्रभावित परिवारों से बातचीत की और उनकी आवश्यकताओं की जानकारी ली। उन्होंने प्रशासन को शिविरों में पर्याप्त भोजन, स्वच्छ पेयजल, सुरक्षित आवास, राशन, कपड़े और बर्तन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा,कि जिनके घर क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें मरम्मत अथवा नए मकान निर्माण के लिए समय पर सहायता राशि प्रदान की जाएगी। साथ ही, उन्होंने कलेक्टर को फसल क्षति, पशुधन हानि और अन्य नुकसानों का शीघ्र आंकलन कर प्रभावितों को मुआवज़ा दिलाने के निर्देश दिए।

🟠बुनियादी सुविधाओं की त्वरित बहाली पर जोरमुख्यमंत्री ने बाढ़ से क्षतिग्रस्त पुल का निरीक्षण किया और क्षेत्र की यातायात व्यवस्था का आकलन किया। उन्होंने कहा,कि प्रभावित गाँवों में सड़क, बिजली और पेयजल जैसी सुविधाओं की शीघ्र बहाली की जाए।

उन्होंने स्पष्ट किया,कि राहत और पुनर्वास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही, बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की विशेष देखभाल करने तथा स्वास्थ्य व शिक्षा सेवाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए।

🟠स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा

मुख्यमंत्री साय ने राहत शिविर में लगाए गए,स्वास्थ्य शिविर का भी जायजा लिया। उन्होंने मेडिकल टीम से दवाइयों की उपलब्धता, डॉक्टरों की तैनाती और मरीजों को दी जा रही सेवाओं की जानकारी ली।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया,कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को स्थिति सामान्य होने तक नियमित स्वास्थ्य सेवाएँ मिलनी चाहिए। इसके साथ ही, संभावित जलजनित बीमारियों जैसे उल्टी-दस्त पर निगरानी रखने और पेयजल स्रोतों का क्लोरीनेशन अनिवार्य करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने आमजन से अपील की,कि वे शुद्ध पानी का उपयोग करें और स्वच्छता बनाए रखें। नगरीय प्रशासन विभाग को प्रभावित वार्डों में नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

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