संदिली सिंह,रायपुर,2सितंबर2025/विशेष रिपोर्ट-Nexis News
दंतेवाड़ा की रहने वाली पूनम पटेल, जो पिछले तीन वर्षों से यूपीएससी परीक्षा की तैयारी कर रही हैं, हाल ही में आई बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुईं। बाढ़ में उनका घर क्षतिग्रस्त हो गया, पूरा सामान बह गया और तैयारी के लिए खरीदे गए टेबलेट व पुस्तकें भी नष्ट हो गईं। लेकिन अब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर पूनम की पढ़ाई फिर से पटरी पर लौट आई हैं।
मुख्यमंत्री ने सोमवार को पूनम पटेल से मुलाकात कर उनका हाल-चाल जाना और तुरंत जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि उन्हें नया टेबलेट और प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएं। सरकार की इस मदद से अब पूनम की IAS बनने की तैयारी निरंतर जारी रह सकेगी।
🟠पूनम की संघर्षभरी कहानी
पूनम पटेल दंतेवाड़ा जिले के चूड़ीटिकरा पारा वार्ड की रहने वाली हैं। नक्सल प्रभावित क्षेत्र में रहते हुए,भी वे लगातार प्रशासनिक अधिकारी बनने का सपना संजोए हुए हैं। उनके पिता संतोष पटेल एक छोटी सी किराना दुकान चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। बड़ी मुश्किल से पैसे जोड़कर परिवार ने पूनम की पढ़ाई के लिए टेबलेट खरीदा था।
लेकिन हाल ही में आई बाढ़ ने सब कुछ छीन लिया। पूनम ने बताया,कि “सारी किताबें पानी में बह गईं और टेबलेट भी खराब हो गया, जिससे पढ़ाई को लेकर मैं बेहद चिंतित थी।”
🟠मुख्यमंत्री की पहल से मिली नई उम्मीद
पूनम की स्थिति जानकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने,उन्हें तुरंत राहत देने का निर्णय लिया। जिला प्रशासन ने उन्हें नया टेबलेट और जरूरी किताबें उपलब्ध कराईं। इससे पूनम को नई ऊर्जा मिली हैं।
पूनम ने कहा,कि “अब मेरी तैयारी रुकने वाली नहीं हैं। सरकार ने जो सहयोग दिया हैं,उसके लिए मैं आभारी हूँ। मेरा सपना हैं,कि एक दिन प्रशासनिक अधिकारी बनकर समाज की सेवा करूँ।”
🟠शिक्षा और संकल्प पर जोर
मुख्यमंत्री साय ने कहा,कि सरकार हर प्रतिभाशाली छात्र के साथ खड़ी हैं। “कठिन हालात से जूझ रहे बच्चों की पढ़ाई किसी भी हालत में बाधित नहीं होनी चाहिए। राज्य सरकार हरसंभव मदद उपलब्ध कराएगी।”
पूनम की कहानी न सिर्फ संघर्ष की मिसाल हैं, बल्कि यह भी दिखाती हैं,कि सही मदद और संकल्प से किसी भी मुश्किल का सामना किया जा सकता हैं।












