संदिली सिंह,रायपुर,2सितंबर2025/विशेष रिपोर्ट-Nexis News
सरगुजा संभाग मुख्यालय स्थित अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल एक बार फिर अव्यवस्था की वजह से चर्चा में हैं। यहां हमर लैब में पिछले दो महीने से रीजेंट की भारी कमी हैं, जिसके कारण मरीजों की पैथोलॉजी जांच प्रभावित हो रही हैं। हालात यह हैं,कि जांच कराने पहुंचे मरीज घंटों इंतजार करने के बाद भी निराश होकर लौट जाते हैं।
🟠मरीजों को भारी परेशानी, निजी अस्पतालों का सहारा
अस्पताल में जांच सुविधा बंद होने से,मरीजों को मजबूरी में निजी अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ रहा हैं। यहां न केवल अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ रहा हैं, बल्कि दूर-दराज से आने वाले मरीजों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही हैं।
मरीज केदार यादव ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा—
“हम लोग गांव से शहर सिर्फ जांच कराने आते हैं, लेकिन यहां सुविधा ही नहीं मिल रही। आखिर हम गरीब लोग इलाज के लिए इतना महंगा खर्च प्राइवेट अस्पतालों में कैसे करें?”
🟠अधीक्षक का बयान – जल्द होगी आपूर्ति
मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षक डॉ. आर.सी. आर्या ने माना,कि लैब में रीजेंट की कमी हैं। उन्होंने कहा—
“रीजेंट की आपूर्ति में समस्या आई हैं, जिसकी वजह से मरीजों को परेशानी हो रही हैं। बहुत जल्द रीजेंट उपलब्ध कराया जाएगा और जांच सेवाएं फिर से शुरू कर दी जाएंगी।”
🟠स्वास्थ्य विभाग के दावों पर सवाल
प्रदेश का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल माने जाने वाले, अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इस तरह की स्थिति ने स्वास्थ्य विभाग के कामकाज पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विभाग द्वारा सुविधाएं बेहतर करने और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के दावे लगातार किए जाते हैं, लेकिन वास्तविकता यह हैं,कि मरीज बुनियादी जांच सुविधाओं से भी वंचित हो रहे हैं।
🟠मरीजों की बढ़ती नाराजगी
लगातार दो महीने से रीजेंट की कमी से जूझ रहे,मरीज अब विभाग से ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना हैं,कि जब संभाग मुख्यालय के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में यह स्थिति हैं, तो अन्य जिलों और कस्बों में स्वास्थ्य सेवाओं की हालत का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता हैं।












