संदिली सिंह,रायपुर,6सितंबर2025/विशेष रिपोर्ट-Nexis News
छत्तीसगढ़ में अपराधों की जांच और न्यायिक प्रक्रिया को, अधिक वैज्ञानिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए,प्रदेश की 5वीं क्षेत्रीय न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला (Regional Forensic Science Laboratory) का शुभारंभ कबीरधाम जिले में किया गया।यह प्रयोगशाला मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की विशेष पहल पर शुरू की गई हैं। डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा—
“वैज्ञानिक जांच सुविधा अपराध न्याय प्रणाली की रीढ़ हैं। कबीरधाम में फोरेंसिक लैब की स्थापना से न केवल,जांच प्रक्रिया तेज होगी बल्कि दोषियों को शीघ्र सजा दिलाने में भी मदद मिलेगी। इससे कानून व्यवस्था और मजबूत होगी।”
🟠प्रयोगशाला से होने वाले प्रमुख लाभ
🔸️रक्त, डीएनए, फिंगरप्रिंट, हथियार, नशीले पदार्थ जैसे साक्ष्यों का त्वरित और सटीक परीक्षण।
🔸️पुलिस विवेचकों को समय पर वैज्ञानिक रिपोर्ट मिलने से जांच प्रक्रिया में तेजी।
🔸️दोषसिद्धि दर में वृद्धि और न्यायिक पारदर्शिता में सुधार।
🔸️बेमेतरा, खैरागढ़-छुईखदान-मंडई, मुंगेली जैसे आसपास के जिलों को भी लाभ।
🔸️समय और संसाधनों की बड़ी बचत के साथ छोटे जिलों को महानगर जैसी सुविधा।
🟠विजय शर्मा की पहल से वैज्ञानिक जांच को नई दिशा
डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने,प्रदेश में सीन ऑफ क्राइम यूनिट की स्थापना, आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता और फोरेंसिक विशेषज्ञों की तैनाती सुनिश्चित की हैं। उनकी इस पहल से अब प्रदेश की अपराध जांच प्रक्रिया अधिक सशक्त और तकनीकी दृष्टि से सक्षम हो रही हैं।












