संदिली सिंह,रायपुर/छत्तीसगढ़,16सितंबर2025,विशेष रिपोर्ट-Nexis News
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य शिक्षा में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा हैं। राज्य सरकार ने 6 नए फिजियोथेरेपी महाविद्यालयों के निर्माण को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की हैं। लगभग 83.62 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इन महाविद्यालयों से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में बड़ा सुधार होगा और युवाओं के लिए उच्चस्तरीय शिक्षा एवं रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
राज्य के चिकित्सा शिक्षा विभाग के आदेश के अनुसार, मनेंद्रगढ़, जशपुर, रायगढ़, बिलासपुर, दुर्ग और जगदलपुर में ये नए कॉलेज स्थापित होंगे। प्रत्येक महाविद्यालय पर लगभग 13.93 करोड़ रुपए (करीब 14 करोड़) खर्च किए जाएंगे। यह राशि भवन निर्माण, आधुनिक प्रयोगशालाओं, उपकरणों और अन्य आवश्यक अधोसंरचना पर उपयोग होगी।
🟠मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के विचार
🔸️”छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता का स्वास्थ्य और हमारे युवाओं का भविष्य, दोनों हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। ये 6 नए फिजियोथेरेपी महाविद्यालय केवल शैक्षणिक संस्थान नहीं, बल्कि स्वस्थ और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की नई नींव हैं।”
🔸️”मुख्यमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में राज्य की स्वास्थ्य शिक्षा नई ऊँचाइयों को छू रही हैं। इन कॉलेजों से फिजियोथेरेपी सेवाएँ अब गांव-गांव तक पहुंच सकेंगी और युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अवसर मिलेंगे।”
🟠ग्रामीण क्षेत्रों को मिलेगी बड़ी राहत
फिजियोथेरेपी वर्तमान समय में स्वास्थ्य सेवाओं की बड़ी आवश्यकता हैं। विशेषज्ञों का मानना हैं,कि इन कॉलेजों की स्थापना से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों को अपने ही जिले में फिजियोथेरेपी उपचार उपलब्ध हो सकेगा। इससे बड़े शहरों पर निर्भरता कम होगी और स्वास्थ्य सेवाएँ अधिक सुलभ होंगी।
🟠रोजगार के नए अवसर
इन महाविद्यालयों के निर्माण से लेकर संचालन तक स्थानीय स्तर पर रोजगार के कई अवसर पैदा होंगे। वहीं, स्नातक होकर निकलने वाले विद्यार्थी प्रदेश के स्वास्थ्य संस्थानों में अपनी सेवाएं देंगे, जिससे छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य शिक्षा और सेवाओं का दायरा और व्यापक होगा।












