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2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को खांसी की सिरप देना पूर्णतः प्रतिबंधित, छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने जारी किए निर्देश

संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़/7अक्टूबर2025/विशेष रिपोर्ट-Nexis News

भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने स्पष्ट एडवाइजरी जारी की हैं,कि दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों को किसी भी प्रकार की खांसी या सर्दी-जुकाम की दवाएं नहीं दी जानी चाहिए। वहीं, सामान्यतः यह दवाएं पाँच वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए भी अनुशंसित नहीं हैं। यह कदम शिशुओं को संभावित दुष्प्रभावों से बचाने और उनके स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया हैं।

एडवाइजरी जारी होते ही छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों (CMHO) और सिविल सर्जनों को सख्त निर्देश जारी किए। सभी शासकीय और निजी स्वास्थ्य संस्थानों को कहा गया हैं,कि भारत सरकार की गाइडलाइन का पालन सख्ती से करें।

साथ ही आयुक्त स्वास्थ्य सेवाएं द्वारा उच्चस्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंस आयोजित कर जिलास्तरीय विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए,कि खांसी या सर्दी की दवाओं का उपयोग केवल चिकित्सकीय परामर्श पर किया जाए। किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।

विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों में सामान्य खांसी-जुकाम जैसी बीमारियाँ अधिकांशतः स्वयं ही ठीक हो जाती हैं, इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह दवा देना आवश्यक नहीं हैं। अभिभावकों से अनुरोध किया गया हैं,कि वे बिना चिकित्सकीय परामर्श अपने बच्चों को कोई भी दवा न दें।

🟠कड़ी निगरानी में औषधि आपूर्ति प्रणाली

छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन (CGMSC) ने बताया,कि राज्य में किसी भी सरकारी आपूर्ति में उन कंपनियों का शामिल नहीं होना, जिनके विरुद्ध अन्य राज्यों में कार्रवाई हुई हैं। यह कदम सरकारी आपूर्ति शृंखला की पारदर्शिता और सतर्कता को दर्शाता हैं।

🟠निर्माण इकाइयों और फार्मेसियों पर निगरानी तेज

स्वास्थ्य सचिव द्वारा आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंस के बाद, खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने जोखिम-आधारित निरीक्षण (Risk-Based Inspection) के तहत औषध निर्माण इकाइयों और निजी फार्मेसियों की निगरानी और निरीक्षण तेज कर दिया हैं।

प्रदेश के सभी सहायक औषधि नियंत्रक और औषधि निरीक्षक को निर्देशित किया गया हैं,कि वे अदायगी और विक्रय संस्थानों का तत्काल निरीक्षण करें। इसका उद्देश्य हैं, कि बच्चों के संदर्भ में किसी भी प्रकार की दवाओं का अनुचित या असावधानीपूर्ण उपयोग पूरी तरह रोका जाए।

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