संदिली सिंह,रामानुजगंज,छत्तीसगढ़/28अक्टूबर2025/विशेष रिपोर्ट-Nexis News
आस्था, संयम और भक्ति का महापर्व छठ पूजा इस वर्ष कन्हर नदी तट पर भव्यता और श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ। संध्या के समय नदी किनारे ऐसा अद्भुत नजारा देखने को मिला, मानो पूरा रामानुजगंज भक्ति की रोशनी से नहा गया हो।दीपों की पंक्तियाँ, फूलों की सजावट और पारंपरिक संगीत ने नदी तट को अलौकिक बना दिया। जैसे ही सूरज ढलने लगा, कन्हर नदी तट पर बनारस की तर्ज पर गंगा आरती आरंभ हुई — घंटियों की गूंज, दीपों की लौ और “जय छठ मइया” के जयघोष से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो उठा।
🟠पारंपरिक वस्त्रों में उमड़ी श्रद्धा की भीड़
छठ व्रत करने वाले श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में माथे पर सुपला लिए जब घाटों की ओर बढ़े, तो हर दिशा में आस्था और अनुशासन का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। महिलाएँ अपने परिवार के सुख-समृद्धि और सूर्यदेव की कृपा के लिए डूबते सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर रहीं थीं।कन्हर नदी के दोनों तट दीपों की सुनहरी रौशनी में झिलमिला उठे। जलधारा पर झिलमिलाते दीप मानो भक्ति और सौंदर्य का संगम बन गए।
🟠समिति और प्रशासन का सराहनीय योगदान
इस पूरे आयोजन को भव्य रूप देने में नवयुवक दुर्गा पूजा समिति और नगर पालिका परिषद की भूमिका विशेष रही। घाटों की सजावट, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा और सफाई की उत्कृष्ट व्यवस्था की गई थी।श्रद्धालुओं ने समिति सदस्यों और प्रशासन का आभार जताया जिन्होंने छठ पर्व के दौरान सुरक्षा, स्वच्छता और श्रद्धा के माहौल को बनाए रखा।
🟠आस्था, अनुशासन और भक्ति का संगम
रविवार की शाम कन्हर नदी तट पर आस्था का सागर उमड़ पड़ा। हर दीप में श्रद्धा की ज्योति थी और हर चेहरे पर सूर्योपासना की दिव्यता झलक रही थी। भक्ति, सौंदर्य और अनुशासन का यह संगम देखने योग्य दृश्य बन गया।
🟠मुख्य बिंदु
🔸️स्थान: कन्हर नदी तट, रामानुजगंज
🔸️आयोजन: नवयुवक दुर्गा पूजा समिति
🔸️सहयोग: नगर पालिका परिषद, रामानुजगंज
🔸️मुख्य आकर्षण: बनारस शैली की गंगा आरती, दीप सजावट, पारंपरिक संगीत
🔸️विशेषता: श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और भव्य आयोजन












