संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़/29अक्टूबर2025/विशेष रिपोर्ट-Nexis News
छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत हो गई हैं। इस संबंध में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) यशवंत कुमार ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ अहम बैठक की और पुनरीक्षण की विस्तृत प्रक्रिया पर चर्चा की।बैठक के बाद सीईओ ने विभिन्न मीडिया संस्थानों के साथ संवाद करते हुए बताया,कि यह प्रक्रिया राज्य में मतदाता सूची को त्रुटिरहित, पारदर्शी और अद्यतन बनाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
🟠राजनीतिक दलों के साथ बैठक में रखी गई पारदर्शिता पर जोर
बैठक कार्यालय मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, छत्तीसगढ़ के सभागार में आयोजित की गई, जिसमें प्रमुख दलों —
भारतीय जनता पार्टी (BJP), इंडियन नेशनल कांग्रेस (INC), बहुजन समाज पार्टी (BSP), आम आदमी पार्टी (AAP), कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) (CPI-M) और नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) — के प्रतिनिधि शामिल हुए।
सीईओ यशवंत कुमार ने राजनीतिक दलों से अपील की, कि वे अपने बूथ स्तरीय एजेंटों (BLA) के माध्यम से पुनरीक्षण कार्य में सक्रिय सहयोग दें, ताकि “हर पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल हो सके और अपात्र नामों को हटाया जा सके।”
🟠पुनरीक्षण प्रक्रिया की संरचना और भूमिका
प्रत्येक मतदान केंद्र पर लगभग 1,000 मतदाता पंजीकृत हैं,और एक बूथ स्तरीय अधिकारी (BLO) इस कार्य का जिम्मा संभालेंगे।प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ERO) नियुक्त हैं,जो मतदाता सूची तैयार करने, दावे-आपत्तियों पर सुनवाई करने और अंतिम सूची प्रकाशित करने की जिम्मेदारी निभाएंगे।
BLOs घर-घर जाकर फॉर्म 6 एकत्र करेंगे, आधार लिंकिंग में सहायता करेंगे और मृत या स्थानांतरित मतदाताओं की पहचान करेंगे।
🟠SIR कार्यक्रम की प्रमुख तिथियाँ:
🔸️मुद्रण एवं प्रशिक्षण कार्य 28 अक्टूबर – 03 नवम्बर 2025
🔸️घर-घर गणना एवं सत्यापन 04 नवम्बर – 04 दिसम्बर 2025
🔸️मसौदा मतदाता सूची प्रकाशन 09 दिसम्बर 2025
🔸️दावे एवं आपत्तियाँ 09 दिसम्बर 2025 – 08 जनवरी 2026
🔸️नोटिस चरण एवं सुनवाई 09 दिसम्बर 2025 – 31 जनवरी 2026
🔸️अंतिम मतदाता सूची प्रकाशन 07 फरवरी 2026
🔸️सीईओ की अपील और पारदर्शिता पर फोकस
🟠सीईओ यशवंत कुमार ने कहा
“छत्तीसगढ़ निर्वाचन आयोग का लक्ष्य हैं,कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे। इस पुनरीक्षण अभियान के माध्यम से हम त्रुटिरहित और पारदर्शी मतदाता सूची सुनिश्चित करेंगे।”उन्होंने बताया,कि राजनीतिक दलों, प्रशासन और मीडिया की सक्रिय भागीदारी से यह प्रक्रिया अधिक सटीक और विश्वसनीय बनेगी।












