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छत्तीसगढ़ की धरती जनजातीय शौर्य और बलिदान की साक्षी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,22जनवरी2026/विशेष रिपोर्ट-Nexis Newsमुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज के तत्वावधान में साइंस कॉलेज ग्राउंड, रायपुर में आयोजित शहीद शिरोमणि गैंदसिंह के 201वें शहादत दिवस एवं श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने महान जनजातीय नायक, स्वतंत्रता संग्राम के अग्रदूत शहीद गैंदसिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की।

🟠शहीद गैंदसिंह के नाम पर बड़ी घोषणाएं

🔸️मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शहीद गैंदसिंह के सम्मान में—

🔸️नया रायपुर में चौक के नामकरण एवं मूर्ति स्थापना

🔸️चंगोराभाटा स्थित समाज के सामुदायिक भवन का जीर्णोद्धार।

🔸️बालोद जिले के देवरी, कांकेर जिले के मरकाटोला, दानीटोला, नगरी, डोंगरगांव तथा बस्तर जिले के भानपुरी और करूटोला में हल्बा समाज के सामाजिक केंद्रों के निर्माण हेतु प्रत्येक स्थान के लिए ₹10-10 लाख की घोषणा की।इसके साथ ही ग्राम कितूर में रंगमंच निर्माण और चपका बस्तर में श्रीराम मंदिर के जीर्णोद्धार की भी घोषणा की गई।

🟠1857 से पहले छत्तीसगढ़ में गूंज चुकी थी, आज़ादी की लड़ाई

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कह,कि जनजातीय समाज का इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा हैं। देश में स्वतंत्रता संग्राम की शुरुआत भले ही 1857 से मानी जाती हैं, लेकिन उससे पहले ही छत्तीसगढ़ की धरती पर जनजातीय क्रांतियों की गूंज सुनाई देने लगी थी।उन्होंने कहा,कि शहीद गैंदसिंह वर्ष 1825 में अंग्रेजों से संघर्ष करते हुए शहीद हुए, जो आदिवासी समाज की अग्रणी भूमिका को दर्शाता हैं।

🟠14 जनजातीय क्रांतियों की भूमि हैं,छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री ने कहा,कि छत्तीसगढ़ में कुल 14 जनजातीय क्रांतियां हुईं, जिन्होंने अंग्रेजी सत्ता की नींव हिला दी। यह धरती शहीद वीर नारायण सिंह, शहीद गैंदसिंह और वीर गुण्डाधुर जैसे महान नायकों की भूमि हैं।उन्होंने कहा,कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनजातीय नायकों को राष्ट्रीय पहचान और सम्मान दिलाने का ऐतिहासिक कार्य किया हैं।

🟠ट्राइबल म्यूजियम जनजातीय इतिहास का जीवंत दस्तावेज

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा,कि नया रायपुर में 14 जनजातीय क्रांतियों पर आधारित ट्राइबल म्यूजियम का लोकार्पण स्वयं प्रधानमंत्री द्वारा किया गया हैं, जहां जनजातीय संघर्षों का सचित्र और विस्तृत विवरण उपलब्ध हैं। उन्होंने नागरिकों से म्यूजियम के अवलोकन का आग्रह किया।

🟠जनजातीय समाज के विकास की नई इबारत

मुख्यमंत्री ने कहा,कि आज देश के सर्वोच्च पद पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और छत्तीसगढ़ का नेतृत्व भी जनजातीय समाज के बेटे के हाथों में हैं।उन्होंने जनजातीय गौरव दिवस, धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना और प्रधानमंत्री जनमन योजना को जनजातीय कल्याण की दिशा में ऐतिहासिक पहल बताया।

🟠बस्तर में विकास की नई धारा

मुख्यमंत्री ने कहा,कि नक्सलवाद लंबे समय तक बस्तर के विकास में बाधा रहा, लेकिन डबल इंजन सरकार और सुरक्षा बलों के साहस से अब इस क्षेत्र में विकास की नई धारा प्रवाहित हो रही हैं।कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा, अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज के केंद्रीय अध्यक्ष डॉ. देवेंद्र माहला, महामंत्री गिरवर सिंह ठाकुर सहित समाज के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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