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छत्तीसगढ़ की कला आयरलैंड तक पहुँची : डबलिन में गूंजी छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति

संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,22जनवरी2026/विशेष रिपोर्ट-Nexis Newsआयरलैंड की राजधानी डबलिन में छत्तीसगढ़ की समृद्ध कला और लोकसंस्कृति की भव्य झलक देखने को मिली। स्टेट कल्चरल इवेंट सीरीज़ के तहत भारतीय दूतावास, डबलिन द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य पर केंद्रित विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया, जिसमें आयरलैंड में रह रहे भारतीय समुदाय ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

कार्यक्रम का उद्घाटन आयरलैंड में भारत के राजदूत अखिलेश मिश्रा ने किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत, जनजातीय परंपराओं और राज्य की विशिष्ट पहचान पर प्रकाश डालते हुए कहा,कि ऐसे आयोजन भारत की विविध संस्कृति को वैश्विक मंच पर मजबूती से प्रस्तुत करते हैं।

🟠कला, संस्कृति और हस्तशिल्प ने बटोरा ध्यान

कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ पर आधारित विस्तृत प्रस्तुति दी गई, जिसमें राज्य की कला, संस्कृति, परंपरा और विकास यात्रा को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया।छत्तीसगढ़ के पारंपरिक हस्तशिल्प की प्रदर्शनी ने दर्शकों को विशेष रूप से आकर्षित किया,जहाँ राज्य के कारीगरों की बारीक कारीगरी और सौंदर्य की खूब सराहना हुई।

🟠लोकनृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

पारंपरिक वेशभूषा में प्रस्तुत लोकनृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने डबलिन की धरती पर छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति की जीवंत झलक पेश की। कलाकारों की सजीव प्रस्तुतियों को दर्शकों से भरपूर प्रशंसा मिली।

कार्यक्रम का समापन छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजनों के साथ हुआ, जिससे अतिथियों को राज्य की समृद्ध पाक-परंपरा से परिचित होने का अवसर मिला। यह आयोजन छत्तीसगढ़ की कला और पहचान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित करने की दिशा में एक उल्लेखनीय पहल रहा।

🟠मुख्यमंत्री साय बोले— यह छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षण

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा,कि डबलिन में आयोजित यह सांस्कृतिक कार्यक्रम छत्तीसगढ़ की समृद्ध कला, संस्कृति और परंपराओं को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने वाला हैं। उन्होंने इसे प्रदेश के लिए गौरव का क्षण बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा,कि भारतीय दूतावास, डबलिन द्वारा आयोजित यह आयोजन “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना को सशक्त रूप से प्रस्तुत करता हैं। उन्होंने भारतीय दूतावास और आयरलैंड में रह रहे भारतीय समुदाय की सराहना की।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा,कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय कला, हस्तशिल्प और लोक परंपराएँ राज्य की पहचान का मूल आधार हैं। ऐसे आयोजनों से पर्यटन, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक स्तर पर नई संभावनाएँ मिलती हैं। सरकार राज्य की कला-संस्कृति के संरक्षण और प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं।

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