किसानों की समृद्धि के लिए सिंचाई परियोजनाओं का सुदृढ़ होना आवश्यक : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,22जनवरी2026/विशेष रिपोर्ट-Nexis News

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा हैं,कि किसानों की समृद्धि और प्रदेश के कृषि विकास के लिए सिंचाई परियोजनाओं का सुदृढ़ और समयबद्ध रूप से पूर्ण होना अत्यंत आवश्यक हैं। मुख्यमंत्री ने मंत्रालय स्थित महानदी भवन में जल संसाधन विभाग के कार्यों की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान यह बात कही।

बैठक में विभाग द्वारा संचालित एवं प्रस्तावित सिंचाई परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट शब्दों में कहा,कि प्रदेश सरकार किसानों के हित में लगातार बड़े निर्णय ले रही हैं,और किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार अनिवार्य हैं।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए,कि लंबे समय से लंबित सिंचाई परियोजनाओं को अटल सिंचाई योजना के अंतर्गत शामिल किया गया हैं,और इन्हें समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण किया जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आगामी तीन वर्षों में पूर्ण होने वाली परियोजनाओं की जानकारी लेते हुए,कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में किसानों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने बताया,कि सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए बजट की कोई कमी नहीं हैं,और इसके लिए पृथक बजटीय प्रावधान किया गया हैं। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से प्रदेश में सिंचित रकबा बढ़ेगा और किसानों की उपज में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

मुख्यमंत्री ने जशपुर जिले के किसानों के मध्यप्रदेश अध्ययन भ्रमण का उल्लेख करते हुए कहा,कि वहां आधुनिक तकनीकों के माध्यम से सिंचाई के सफल संचालन को देखकर किसान काफी उत्साहित हुए हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन राज्यों में सिंचाई क्षेत्र में बेहतर नवाचार किए गए हैं, वहां छत्तीसगढ़ के किसानों का भी अध्ययन भ्रमण कराया जाए, ताकि वे नई तकनीकों से परिचित हो सकें।

बैठक में अधिकारियों ने बताया,कि आगामी तीन वर्षों में लगभग 10 हजार करोड़ रुपये की लागत से 14 सिंचाई परियोजनाओं को चरणबद्ध रूप से पूर्ण करने की योजना हैं, जिससे लगभग 70 हजार हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। इनमें 4,800 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली चार प्रमुख परियोजनाओं का मार्च एवं मई माह में भूमिपूजन प्रस्तावित हैं।

इन परियोजनाओं में बस्तर जिले की देउरगांव बैराज सह उद्वहन सिंचाई परियोजना,मटनार बैराज सह उद्वहन सिंचाई परियोजना,रायपुर जिले के आरंग विकासखंड में महानदी पर मोहमेला–सिरपुर बैराज योजना,गरियाबंद जिले की सिकासार जलाशय से कोडार जलाशय लिंक परियोजना शामिल हैं।

इसके अलावा अटल सिंचाई योजना के तहत 115 लंबित परियोजनाओं के लिए 346 करोड़ रुपये का बजट आबंटित किया गया हैं, जिससे लगभग 11 हजार हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई क्षमता विकसित की जाएगी।

बैठक में अंतरराज्यीय जल विवादों के समाधान पर भी चर्चा की गई। आगामी तीन वर्षों में महानदी जल विवाद, पोलावरम बांध के डुबान क्षेत्र तथा समक्का बैराज से संबंधित मामलों के निपटारे के लिए ठोस प्रयास करने पर सहमति बनी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव मुकेश बंसल, जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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