संदिली सिंह,सारंगढ़,छत्तीसगढ़,23जनवरी2026/विशेष रिपोर्ट-Nexis News
सारंगढ़ में कानून-व्यवस्था को लेकर उस समय गंभीर सवाल खड़े हो गए,जब एक पीड़ित की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए खुद तहसीलदार को सिटी कोतवाली थाना के बाहर आमरण अनशन पर बैठना पड़ा। मामला कलेक्टर के गनमैन द्वारा तहसीलदार के पुत्र से कथित मारपीट का हैं, जिसमें दो दिन तक एफआईआर दर्ज नहीं होने से आक्रोशित तहसीलदार ने धरना शुरू कर दिया।
करीब 5 से 6 घंटे तक चले हाईवोल्टेज घटनाक्रम के बाद देर रात पुलिस ने अपराध दर्ज किया, जिसके बाद तहसीलदार ने अपना अनशन समाप्त किया।
🟠दीपिका में पदस्थ तहसीलदार बैठे धरने पर
कोरबा जिले के दीपिका में पदस्थ तहसीलदार बंदेराम भगत, जो पूर्व में सारंगढ़ में नायब तहसीलदार रह चुके हैं, गुरुवार शाम करीब 5 बजे सिटी कोतवाली थाना के मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गए। उनके पुत्र राहुल भगत (25 वर्ष) के साथ मारपीट की शिकायत पर पुलिस द्वारा कार्रवाई नहीं किए जाने से वे आक्रोशित थे।
🟠ट्रैफिक के दौरान हुआ विवाद
पीड़ित राहुल भगत ने पुलिस को दी शिकायत में बताया,कि 20 जनवरी 2026 को दोपहर करीब 3 बजे वह भारतमाता चौक के पास ट्रैफिक में फंसा हुआ था। इसी दौरान कलेक्टर के वाहन को निकालने के लिए रास्ता खाली कराया जा रहा था। आरोप हैं,कि कलेक्टर के गनमैन हरीश चंद्रा ने गाली-गलौच करते हुए गाड़ी सही तरीके से चलाने को कहा। विरोध करने पर गनमैन ने राहुल के गाल और कान के पास थप्पड़ मारा, जिससे कान से खून निकलने लगा। इसके बाद जमीन पर गिराकर पैर से भी हमला किया गया।
घटना के दिन ही राहुल भगत ने सिटी कोतवाली में लिखित शिकायत दी,थी और मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भेजा गया, लेकिन दो दिन तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई।
🟠धरने से मचा हड़कंप
एफआईआर नहीं होने से नाराज तहसीलदार बंदेराम भगत ने बताया,कि 20 से 22 जनवरी तक कार्रवाई के नाम पर उन्हें लगातार टाला गया। थाना प्रभारी द्वारा फोन रिसीव नहीं किए जाने से आहत होकर उन्होंने थाने के सामने आमरण अनशन शुरू कर दिया। तहसीलदार के धरने पर बैठते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
🟠एसडीओपी मौके पर पहुंचीं, रायपुर तक पहुंचा मामला
मामले की गंभीरता को देखते हुए,एसडीओपी स्नेहिल साहू मौके पर पहुंचीं और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। खबर सोशल मीडिया और न्यूज चैनलों पर फैलते ही मामला राजधानी रायपुर तक गूंज गया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सहित कई नेताओं ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
🟠देर रात दर्ज हुआ अपराध
लगातार बढ़ते दबाव के बाद देर रात सिटी कोतवाली पुलिस ने कलेक्टर के गनमैन हरीश चंद्रा के खिलाफ बीएनएस की धारा 296 और 115(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया। इसके बाद रात करीब 11:30 बजे तहसीलदार ने अपना धरना समाप्त किया।
🟠सिस्टम पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना हैं,कि जब एक तहसीलदार को अपने बेटे के लिए न्याय पाने हेतु थाने के सामने अनशन करना पड़े, तो आम नागरिक, गरीब, मजदूर और महिलाओं की सुनवाई कैसे होती होगी। यह घटना कोतवाली थाना की कार्यप्रणाली और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
शाम से देर रात तक सिटी कोतवाली क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना रहा। सत्ताधारी भाजपा और विपक्षी कांग्रेस के नेता पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए थे और पार्टी नेतृत्व को लगातार जानकारी दी जा रही थी।












