संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,3फरवरी 2026/विशेष रिपोर्ट-Nexis News
छत्तीसगढ़ के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने तेज़ी से कदम बढ़ा दिए हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं,कि युवाओं को कौशल उन्नयन से जोड़कर उन्हें रोजगारोन्मुखी बनाया जाए, ताकि आने वाले समय में स्थापित होने वाले नए उद्योगों में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता के साथ रोजगार मिल सके।मुख्यमंत्री साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा, रोजगार एवं प्रशिक्षण विभाग की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से कहा,कि प्रदेश में नियमित रूप से रोजगार मेले आयोजित किए जाएं, जिससे प्रशिक्षित युवाओं को सीधे रोजगार के अवसर मिल सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा,कि आईटीआई और तकनीकी संस्थानों के आधुनिकीकरण से युवाओं को उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप प्रशिक्षण मिलेगा। इससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि छत्तीसगढ़ औद्योगिक निवेश के लिए भी आकर्षक राज्य बनेगा। उन्होंने सीएसएसडीए और राज्य परियोजना लाइवलीहुड कॉलेज सोसायटी के एकीकरण के प्रस्ताव को स्वीकृति देते हुए शीघ्र अमल के निर्देश दिए।
बैठक में प्रशिक्षण व्यवस्था को और पारदर्शी व प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने आधार आधारित उपस्थिति प्रणाली (AEBAS) के प्रभावी क्रियान्वयन, प्रशिक्षित युवाओं से फीडबैक लेने के लिए विकसित फीडबैक मॉड्यूल को और मजबूत करने तथा जिलों में अधिकारियों की युक्तियुक्त पदस्थापना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।अधिकारियों ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत वर्ष 2013 से अब तक 4.90 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिनमें से 2.71 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार मिला है। वर्तमान में राज्य में 356 प्रशिक्षण प्रदाता संस्थाएं और 207 पंजीकृत कोर्स संचालित हैं।
प्रधानमंत्री सेतु योजना के अंतर्गत राज्य में हब-एंड-स्पोक मॉडल पर 6 क्लस्टर चयनित किए गए हैं, जिसके जरिए आईटीआई के उन्नयन हेतु लगभग 60 हजार करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है। इसके अलावा विशेष पिछड़ी जनजातियों, पीएम जनमन योजना और आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के तहत सैकड़ों युवाओं को कौशल प्रशिक्षण से जोड़ा गया है।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा,कि कौशल, तकनीक और रोजगार के समन्वय से छत्तीसगढ़ का युवा प्रदेश की आर्थिक प्रगति का मजबूत आधार बनेगा। सरकार का लक्ष्य है कि हर प्रशिक्षित युवा आत्मनिर्भर बने और प्रदेश के विकास में भागीदार बने।












