संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,12फरवरी 2026/विशेष रिपोर्ट-Nexis News
छत्तीसगढ़ के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में,दुर्लभ मालाबार पाइड हॉर्नबिल पक्षियों के संरक्षण के लिए विशेष प्राकृतिक उद्यान विकसित किए जा रहे हैं। इन उद्यानों को “हॉर्नबिल रेस्टोरेंट” के रूप में तैयार किया जाएगा,जहां पक्षियों के लिए सालभर प्राकृतिक भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।हॉर्नबिल अपनी विशाल चोंच,आकर्षक रंगीन पंखों और विशिष्ट घोंसला निर्माण शैली के कारण दुनिया के सबसे अनोखे पक्षियों में गिने जाते हैं। इन्हें “जंगल का किसान” और “फॉरेस्ट इंजीनियर” भी कहा जाता हैं,क्योंकि ये फल खाने के बाद बीजों को दूर-दूर तक फैलाकर वनों के प्राकृतिक विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) अरुण कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में यह अभिनव पहल शुरू की गई हैं। इसके तहत पीपल, बरगद और फाइकस प्रजाति के फलदार पौधों का समूह विकसित किया जाएगा, जो हॉर्नबिल का प्रमुख आहार हैं। यह कोई कृत्रिम निर्माण नहीं होगा, बल्कि जंगल क्षेत्र में प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने की दिशा में कदम होगा।
हॉर्नबिल संरक्षण के लिए घोंसलों की निगरानी, कृत्रिम घोंसले लगाने, अनुसंधान कार्य और स्थानीय समुदाय की भागीदारी के तहत “घोंसला गोद लेने” जैसे कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे। विशेष ट्रैकिंग टीमें गठित की गई हैं, जिनमें वन्यजीव विशेषज्ञों के साथ स्थानीय प्रशिक्षित युवा भी शामिल हैं। ड्रोन तकनीक से शिकार गतिविधियों और वनाग्नि पर नजर रखी जा रही हैं।
गौरतलब है कि पश्चिमी घाट में सामान्यतः पाए जाने वाले ये पक्षी अब उदंती-सीतानदी क्षेत्र में अधिक संख्या में दिखाई देने लगे हैं। समुद्र तल से 800 से 1000 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह पहाड़ी क्षेत्र इनके लिए अनुकूल आवास सिद्ध हो रहा हैं। यह पहल न केवल जैव विविधता संरक्षण को मजबूती देगी, बल्कि ईको-टूरिज्म को भी बढ़ावा देगी।












