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हरियर छत्तीसगढ़ हमारी पहचान, पर्यावरण संरक्षण हमारी जिम्मेदारी : वन मंत्री केदार कश्यप

संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,5जून2026/विशेष रिपोर्ट-Nexis News

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के वन मंत्री Kedar Kashyap ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए,पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा,कि “हरियर छत्तीसगढ़ हमारी पहचान है और पर्यावरण संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी हैं।”वन मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ अपनी समृद्ध वन संपदा, जैव विविधता और प्राकृतिक संसाधनों के कारण देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हैं। राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण, वन संवर्धन और हरित विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लगातार प्रभावी कदम उठा रही हैं।

🟠“एक पेड़ मां के नाम” बना जन-जन का अभियान

वन मंत्री ने बताया,कि मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai के नेतृत्व में चलाया जा रहा “एक पेड़ मां के नाम” अभियान अब जनआंदोलन का स्वरूप ले चुका हैं।उन्होंने कहा,कि पिछले दो वर्षों में प्रदेशभर में करोड़ों पौधे लगाए गए हैं और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से यह अभियान पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक मिसाल बन रहा हैं।

“हर पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवन का आधार हैं।”

🟠44% वन क्षेत्र: छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी प्राकृतिक पूंजी

वन मंत्री ने बताया,कि राज्य का लगभग 44 प्रतिशत भू-भाग वनों से आच्छादित हैं, जो छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी प्राकृतिक संपदा हैं।वन विभाग द्वारा वैज्ञानिक वन प्रबंधन, प्राकृतिक पुनर्जनन और व्यापक वृक्षारोपण कार्यक्रमों के माध्यम से इस हरित विरासत को और मजबूत किया जा रहा हैं। सरकार का लक्ष्य वन क्षेत्र को संरक्षित करते हुए पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना हैं।

🟠उदंती-सीतानदी में दिखा ‘दूधराज’ का घोंसला, बढ़ी जैव विविधता की उम्मीद

वन मंत्री ने बताया कि राज्य के राष्ट्रीय उद्यानों और अभयारण्यों में वन्यजीवों की संख्या लगातार बढ़ रही हैं।हाल ही में Udanti-Sitanadi Tiger Reserve में मध्यप्रदेश के राजकीय पक्षी Asian Paradise Flycatcher (दूधराज) का घोंसला देखा गया, जो क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता और सुरक्षित प्राकृतिक वातावरण का सकारात्मक संकेत माना जा रहा हैं।

🟠जल संरक्षण से सुधरा भूजल स्तर

वन मंत्री ने कहा,कि वन क्षेत्रों में हजारों जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण किया गया हैं, जिससे वन्यजीवों को वर्षभर पानी उपलब्ध हो रहा हैं।इन प्रयासों का असर भूजल स्तर पर भी दिखाई दे रहा हैं,और कई क्षेत्रों में जल उपलब्धता में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया हैं।

🟠पर्यावरण संरक्षण के साथ बढ़ रही ग्रामीणों की आय

वन मंत्री ने बताया,कि राज्य सरकार वनाश्रित परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लघु वनोपजों के संग्रहण, प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन को बढ़ावा दे रही हैं।इससे एक ओर पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिल रही हैं,तो दूसरी ओर ग्रामीण और आदिवासी परिवारों की आय में भी वृद्धि हो रही हैं।

🟠 प्रदेशवासियों से की विशेष अपील

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर वन मंत्री ने सभी नागरिकों से अपील की,कि वे कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं और उसके संरक्षण की जिम्मेदारी भी निभाएं।उन्होंने कहा,कि स्वच्छ, सुरक्षित और हरित भविष्य के निर्माण के लिए समाज के हर व्यक्ति की भागीदारी आवश्यक हैं।

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