संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,5जून2026/विशेष रिपोर्ट-Nexis News
पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में, राज्यपाल रमेन डेका ने युवाओं को डिजिटल लत और तेजी से बदलती “पॉपकॉर्न मानसिकता” से सावधान रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा,कि डिजिटल एडिक्शन केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि परिवार और समाज को भी प्रभावित कर रहा है तथा यह युवाओं की सोचने-समझने की क्षमता को कमजोर कर रहा हैं।
समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर मेडिकल, डेंटल, आयुर्वेद, होम्योपैथी, नर्सिंग, फिजियोथेरेपी सहित विभिन्न संकायों के कुल 9,194 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं।
🟠डिजिटल एडिक्शन से बचने की सलाह
राज्यपाल रमेन डेका ने कहा,कि यदि दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो 30 दिनों के भीतर डिजिटल एडिक्शन से काफी हद तक छुटकारा पाया जा सकता हैं। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को मोबाइल से दूर रखकर खेलकूद और बाहरी गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित करने का आग्रह किया।उन्होंने कहा,कि आज के बच्चों का जीवन सीमित दायरे में सिमटता जा रहा हैं, जिससे उनकी शारीरिक और मानसिक क्षमता प्रभावित हो रही हैं।
🟠चिकित्सा केवल पेशा नहीं, मानवता की सेवा
नवस्नातक चिकित्सकों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि चिकित्सा सेवा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का सबसे बड़ा अवसर हैं।
उन्होंने कहा—
“डॉक्टर के सफेद कोट पर कभी कोई दाग नहीं लगना चाहिए। मरीज का हित हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।”
उन्होंने पारिवारिक चिकित्सक (फैमिली डॉक्टर) की परंपरा को पुनर्जीवित करने और आपातकालीन परिस्थितियों में चिकित्सकों की त्वरित निर्णय क्षमता को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
🟠मुख्यमंत्री साय बोले— डिग्री के साथ बढ़ती हैं जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा,कि दीक्षांत समारोह केवल डिग्री प्राप्त करने का अवसर नहीं, बल्कि समाज और मानवता के प्रति नए दायित्वों को स्वीकार करने का भी अवसर हैं।उन्होंने कहा,कि प्रदेश के नवस्नातक डॉक्टर विशेष रूप से दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
🟠नया रायपुर में बनेगी अत्याधुनिक मेडिसिटी
मुख्यमंत्री ने बताया,कि नया रायपुर में 100 एकड़ क्षेत्र में अत्याधुनिक मेडिसिटी परियोजना विकसित की जा रही हैं, जहां 5,000 से अधिक बिस्तरों की सुविधा उपलब्ध होगी।इसके अलावा रायगढ़ और सरगुजा संभाग में भी नए अस्पताल स्थापित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा हैं,ताकि प्रदेशवासियों को उच्चस्तरीय उपचार के लिए बाहर न जाना पड़े।
🟠विश्व पर्यावरण दिवस पर पौधारोपण का संदेश
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राज्यपाल ने सभी विद्यार्थियों और नागरिकों से “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत पौधा लगाने का आह्वान किया।उन्होंने कहा,कि मानव, पशु और प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखना हम सभी की साझा जिम्मेदारी हैं।
🟠समारोह की प्रमुख उपलब्धियां
🔸️कुल 9,194 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं
🔸️7,545 स्नातक एवं 1,645 स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को डिग्री
🔸️5 सुपर स्पेशियलिटी उपाधियां प्रदान की गईं
🔸️मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदकों से सम्मानित किया गया
🔸️चिकित्सा क्षेत्र में सेवा, संवेदनशीलता और नैतिकता पर विशेष जोर
🟠कार्यक्रम में प्रमुख उपस्थिति
🔸️राज्यपाल – रमेन डेका
🔸️ मुख्यमंत्री – विष्णुदेव साय
🔸️स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री – श्याम बिहारी जायसवाल
🔸️राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग – डॉ. वेदप्रकाश मिश्रा
🔸️ कुलपति – डॉ. पी.के. पात्रा
🔸️विधायक – पुरंदर मिश्रा
🔸️विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता, प्राध्यापक, विद्यार्थी एवं अभिभावक उपस्थित रहे।












