संदिली सिंह,सारंगढ़,छत्तीसगढ़,5जून2026/विशेष रिपोर्ट-Nexis News
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ग्राम खिचरी में एक ऐसी पहल शुरू हुई हैं, जो आने वाले समय में पूरे क्षेत्र की हरियाली की तस्वीर बदल सकती हैं। यहां शिक्षिका सुनीता यादव के नेतृत्व में एक लाख सीड बॉल (Seed Ball) निर्माण अभियान चलाया जा रहा हैं।इस अभियान की खास बात यह हैं,कि इसमें केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि पूरा गांव शामिल हैं,पूर्व छात्राएं, महिलाओं के समूह, पालक माताएं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और बिहान समूह की दीदियां मिलकर इसे एक जनआंदोलन का रूप दे रही हैं।
🟠कैसे बन रही हैं “हरियाली की गोलियां” (Seed Balls)
गोबर और मिट्टी के मिश्रण में फलदार और छायादार वृक्षों के बीज डालकर छोटे-छोटे गेंदों का आकार दिया जा रहा हैं। बारिश शुरू होते ही इन्हें जंगलों और खाली जमीन पर फैलाया जाएगा, जिससे प्राकृतिक रूप से पौधे उग सकें।यह तकनीक कम खर्च में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण का प्रभावी तरीका मानी जा रही हैं।
🟠इनमें शामिल हैं जीवन देने वाले बीज
इस अभियान में शामिल हैं— आम, नीम, जामुन, पीपल, बरगद, कटहल, सीताफल, करंज, मुनगा, साजा और सरई जैसे महत्वपूर्ण वृक्षों के बीज।ये पेड़ न केवल छाया और फल देंगे, बल्कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाएंगे।
🟠 “वन है तो जीवन हैं” का संदेश
शिक्षिका सुनीता यादव का कहना हैं,कि आज पेड़ों की कटाई और बढ़ते कंक्रीट जंगलों के बीच सबसे जरूरी हैं,जागरूकता।
उन्होंने कहा कि— “यह जिम्मेदारी सिर्फ सरकार की नहीं, बल्कि हर नागरिक की हैं,कि वह धरती को हरा-भरा बनाए।”
उनकी यह पहल बच्चों और समाज को यह संदेश देती हैं,कि “वन है तो जीवन हैं” सिर्फ नारा नहीं, बल्कि जीवन की सच्चाई हैं।
🟠गांव की महिलाओं की ताकत बना अभियान
इस मुहिम में गांव की महिलाएं और सामाजिक कार्यकर्ता बड़ी भूमिका निभा रही हैं— पूर्व सरपंच सुशीला सिदार, मितानिन सोनिया पटेल, पालक उत्तरा निषाद, आशा चौहान, बिहान सदस्य भानुमती महंत और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गुरबारी चौहान सहित कई लोग सक्रिय रूप से जुड़े हैं।
🟠बड़ा लक्ष्य: 8 दिन में 1 लाख सीड बॉल
इस अभियान का लक्ष्य सिर्फ जागरूकता नहीं बल्कि आठ दिनों में 1 लाख सीड बॉल तैयार करना हैं, जिन्हें मानसून में बड़े स्तर पर रोपित किया जाएगा।यह पहल आने वाले समय में पूरे क्षेत्र को एक नई हरियाली की दिशा देने का प्रयास हैं।












