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विश्व पर्यावरण दिवस पर मंत्री ओ.पी. चौधरी का संदेश : प्रकृति संरक्षण बने जनआंदोलन, नवा रायपुर में 20 हजार पीपल पेड़ों से बनेगा ‘पीपल सिटी’ मॉडल

संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,5जून2026/विशेष रिपोर्ट-Nexis Newsविश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर में,छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा आयोजित संगोष्ठी एवं पुरस्कार वितरण समारोह में वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव आर. संगीता विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कई डिजिटल और तकनीकी नवाचारों का लोकार्पण भी किया गया, जिनमें सीजी निगरानी पोर्टल, जैव-चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन फिल्म, 25 वर्षों की उपलब्धियों पर आधारित लघु फिल्म, नई वेबसाइट और ईको क्लब गतिविधियों पर स्मारिका शामिल हैं।

🟠भारतीय संस्कृति और प्रकृति का सह-अस्तित्व

मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि भारतीय संस्कृति हमेशा से प्रकृति के संरक्षण और सह-अस्तित्व पर आधारित रही हैं। उन्होंने कहा,कि नदियों, पर्वतों, वृक्षों और जीव-जंतुओं को पूजनीय मानने की परंपरा भारत की विशेष पहचान हैं।उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा,कि आज पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन, बढ़ते तापमान, अनियमित वर्षा, सूखा और बाढ़ जैसी समस्याओं का सामना कर रही हैं, जिसका मूल कारण प्रकृति का असंतुलित दोहन हैं।

🟠पर्यावरण संरक्षण में तकनीक की बड़ी भूमिका

मंत्री ने बताया,कि राज्य सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण निगरानी के लिए कई महत्वपूर्ण तकनीकी सुधार किए हैं—

🔸️औद्योगिक उत्सर्जन की ऑनलाइन निगरानी प्रणाली

🔸️प्रदूषण स्तर बढ़ते ही तत्काल अलर्ट सिस्टम

🔸️फ्लाई ऐश के लिए GPS आधारित ट्रैकिंग सिस्टम

🔸️अन्य राज्यों के फ्लाई ऐश डंपिंग पर सख्त नियंत्रण

🔸️खतरनाक अपशिष्ट प्रबंधन में सख्त नियम उन्होंने कहा कि इन कदमों से पर्यावरण और जनस्वास्थ्य दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई हैं।

🟠नवा रायपुर बनेगा ‘पीपल सिटी’

मंत्री ओ.पी. चौधरी ने एक महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा करते हुए कहा कि नवा रायपुर में 20,000 से अधिक पीपल के पेड़ लगाए जाएंगे।उन्होंने कहा,कि आने वाले वर्षों में नवा रायपुर को “पीपल सिटी” के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां हर दिशा में पीपल के वृक्ष दिखाई देंगे।

🟠बच्चों और युवाओं की भूमिका पर जोर

उन्होंने कहा,कि पर्यावरण संरक्षण केवल बड़े अभियानों से नहीं, बल्कि छोटी-छोटी आदतों से शुरू होता हैं—

🔸️बिजली की बचत

🔸️प्लास्टिक का कम उपयोग

🔸️पौधों की देखभाल

🔸️स्थानीय प्रजातियों का वृक्षारोपण

उन्होंने शिक्षकों और ईको क्लब समन्वयकों से बच्चों में पर्यावरणीय संवेदनशीलता विकसित करने की अपील की।

🟠युवाओं के लिए भविष्य के अवसर

मंत्री ने कहा कि आज ग्रीन टेक्नोलॉजी, वेस्ट मैनेजमेंट, सर्कुलर इकोनॉमी, रिसाइक्लिंग और सस्टेनेबल स्टार्टअप्स युवाओं के लिए बड़े अवसर हैं।उन्होंने कहा, कि पर्यावरण संरक्षण अब केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि रोजगार और नवाचार का बड़ा क्षेत्र बन चुका हैं।

🟠कार्यक्रम की प्रमुख झलकियां

🔸️पर्यावरण प्रदर्शनी का अवलोकन

🔸️तुलसी पौधे को जल अर्पण

🔸️मिशन लाइफ की शपथ

🔸️नुक्कड़ नाटक “किस्सा लकड़ी का”

🔸️ईको क्लब प्रशिक्षण सत्र

🔸️पोस्टर प्रतियोगिता विजेताओं का सम्मान जैसी गतिविधियां आयोजित की गईं।

🟠 कार्यक्रम में प्रमुख उपस्थिति

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के सदस्य सचिव राजू अगसिमनि, प्रदेशभर से आए शिक्षक, ईको क्लब समन्वयक, विद्यार्थी और विभागीय अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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