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नए रेलवे पुल के लिए चला बुलडोजर, राउरकेला में 40 से अधिक मकान ध्वस्त; पुनर्वास को लेकर उठे सवाल

न्यूज डेस्क,राउरकेला,उड़ीसा,9जून2026

 

रेलवे की बहुप्रतीक्षित आधारभूत संरचना परियोजना के तहत राउरकेला में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू हो गई हैं। सोमवार को शिव शंकर नगर बस्ती में चलाए गए अभियान के दौरान 40 से अधिक मकानों को ध्वस्त किया गया। रेलवे प्रशासन का कहना हैं,कि यह कार्रवाई नए रेलवे पुल के निर्माण के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की जा रही हैं।जानकारी के अनुसार, वर्तमान रेलवे पुल का निर्माण वर्ष 1950 के दशक में हुआ था। बढ़ते रेल यातायात और परिवहन जरूरतों को देखते हुए,रेलवे ने मौजूदा पुल के समानांतर एक नया पुल बनाने की योजना तैयार की हैं। अधिकारियों का मानना हैं,कि नया पुल बनने से रेल संचालन अधिक सुरक्षित, सुगम और प्रभावी हो सकेगा।

🟠शिव शंकर नगर और रहमत नगर क्षेत्र में कार्रवाई

रेलवे अधिकारियों के अनुसार प्रस्तावित परियोजना क्षेत्र में स्थित शिव शंकर नगर और रहमत नगर की कुछ बस्तियां निर्माण कार्य में बाधा बन रही थीं। सर्वेक्षण और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन क्षेत्रों को अतिक्रमण के रूप में चिह्नित किया गया और हटाने की कार्रवाई शुरू की गई।सोमवार सुबह रेलवे प्रशासन, रेलवे सुरक्षा बल (RPF), सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) और स्थानीय प्रशासन की मौजूदगी में अभियान चलाया गया। किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।

🟠चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा अभियान

रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया हैं,कि भूमि खाली कराने की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगी। परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए जल्द ही निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी की जा रही हैं।अधिकारियों का कहना हैं,कि नया रेलवे पुल बनने से रेल यातायात की क्षमता बढ़ेगी और भविष्य की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को भी मजबूती मिलेगी।

🟠प्रभावित परिवारों के सामने खड़ा हुआ संकट

दूसरी ओर, कार्रवाई से प्रभावित परिवारों के सामने आवास और आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। कई परिवार वर्षों से इन बस्तियों में निवास कर रहे थे और अब उन्हें वैकल्पिक व्यवस्था की चिंता सता रही हैं।स्थानीय लोगों का कहना हैं,कि विकास परियोजनाएं आवश्यक हैं, लेकिन प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और सामाजिक सुरक्षा की व्यवस्था भी समान रूप से महत्वपूर्ण हैं।

🟠विकास बनाम पुनर्वास की बहस तेज

इस कार्रवाई के बाद विकास और मानवीय संवेदनाओं के बीच संतुलन को लेकर बहस तेज हो गई हैं। लोगों का सवाल हैं,कि यदि अतिक्रमण हटाना जरूरी था, तो क्या प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और वैकल्पिक आवास की पर्याप्त व्यवस्था पहले सुनिश्चित की गई थी?अब सभी की नजर रेलवे प्रशासन और स्थानीय प्रशासन की आगामी कार्रवाई तथा पुनर्वास संबंधी निर्णयों पर टिकी हुई हैं।

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