संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,12जून2026
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत,छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग द्वारा प्रदेशभर में सड़क सुरक्षा एवं यात्री सुरक्षा को मजबूत करने के लिए विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा हैं। इस अभियान का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सुरक्षित एवं मानक अनुरूप बनाना हैं।अभियान के दौरान अब तक लगभग 350 वाहनों की सघन जांच की गई, जिसमें विभिन्न अनियमितताएं पाए जाने पर वाहन स्वामियों से करीब 5.50 लाख रुपये का समन शुल्क (जुर्माना) वसूला गया हैं। साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन संचालकों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई भी की गई हैं।
🟠स्लीपर बसों पर विशेष निगरानी, अवैध केबिन और स्लाइडर हटाए जा रहे
परिवहन आयुक्त S. Prakash ने सभी क्षेत्रीय एवं जिला परिवहन अधिकारियों को विशेष रूप से स्लीपर कोच बसों की सघन जांच के निर्देश दिए हैं। अभियान के तहत बसों में सुरक्षा मानकों के अनुपालन पर कड़ी नजर रखी जा रही हैं।स्लीपर बसों में चालक दल के लिए बनाए गए अवैध पार्टिशन और अनधिकृत स्लाइडरों को मौके पर ही हटाया जा रहा हैं। साथ ही बसों में अग्निशमन यंत्र, GPS प्रणाली और बॉडी निर्माण मानकों (AIS-119) की भी जांच की जा रही हैं।
🟠दस्तावेजों और सुरक्षा मानकों की गहन जांच
अभियान के तहत वाहनों के वैध पंजीयन, फिटनेस, परमिट और तकनीकी मानकों की गहन जांच की जा रही हैं। सुरक्षा मानकों का पालन न करने वाले वाहनों पर मोटरयान अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई, चालान और परमिट/लाइसेंस निलंबन जैसी प्रक्रियाएं अपनाई जा रही हैं।
🟠सख्त संदेश: सुरक्षा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया हैं,कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में यह अभियान लगातार जारी रहेगा। साथ ही बस संचालकों के साथ बैठक कर उन्हें नियमों के पालन हेतु जागरूक भी किया जा रहा हैं।विभाग ने चेतावनी दी हैं,कि सुरक्षा मानकों से समझौता करने वालों के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।











