न्यूज डेस्क,गरियाबंद,छत्तीसगढ़,13जून2026
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में धान खरीदी व्यवस्था पर,बड़ा सवाल खड़ा करने वाला मामला सामने आया हैं। जिले के ढोर्रा और सीनापाली धान उपार्जन केंद्रों में 1 करोड़ 32 लाख रुपये से अधिक मूल्य के धान शॉर्टेज का खुलासा हुआ हैं। सहकारिता विभाग द्वारा किए गए भौतिक सत्यापन में दोनों केंद्रों से कुल 4,265 क्विंटल धान कम पाया गया हैं।जानकारी के अनुसार, ढोर्रा धान खरीदी केंद्र में 2,113 क्विंटल तथा सीनापाली धान खरीदी केंद्र में 2,151 क्विंटल धान की कमी दर्ज की गई। विभागीय जांच में सामने आए इस बड़े शॉर्टेज से समितियों को 1 करोड़ 32 लाख रुपये से अधिक की आर्थिक क्षति हुई हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन हरकत में आ गया हैं। कलेक्टर और सहकारिता विभाग ने दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि धान की कमी को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा और जिम्मेदार लोगों से नुकसान की भरपाई भी कराई जाएगी।इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह हैं,कि आखिर हजारों क्विंटल धान कहां और कैसे गायब हो गया? धान खरीदी केंद्रों में सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।
बताया जा रहा हैं,कि जिले की 90 समितियों में से करीब 50 समितियों में धान शॉर्टेज की शिकायतें और अनियमितताएं सामने आई हैं। इनमें ढोर्रा और सीनापाली समितियों में सबसे अधिक धान की कमी पाई गई हैं। भौतिक सत्यापन रिपोर्ट मिलने के बाद जिला प्रशासन ने जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी हैं।अब सभी की नजर इस बात पर टिकी हैं,कि जांच में किन लोगों की जिम्मेदारी तय होती हैं और करोड़ों रुपये मूल्य के धान गायब होने के मामले में क्या कार्रवाई होती हैं।












