डेनियल सेप्टी,बस्तर,छत्तीसगढ़,15जून2026
प्रदेश में सड़क और पुल निर्माण कार्यों में हो रही देरी पर राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया हैं। उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव की सख्ती के बाद लोक निर्माण विभाग ने निर्माण कार्यों में, लापरवाही बरतने वाले दो ठेकेदारों का पंजीयन दो वर्षों के लिए निरस्त कर दिया हैं,जबकि आठ ठेकेदारों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया हैं। इसके अलावा दो अन्य ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई के लिए मुख्य अभियंता से विस्तृत प्रतिवेदन मांगा गया हैं।यह कार्रवाई उस समय सामने आई हैं, जब हाल ही में बस्तर प्रवास के दौरान उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सड़क और पुल निर्माण कार्यों की जमीनी समीक्षा की थी। निरीक्षण के दौरान कई परियोजनाओं में बेहद धीमी प्रगति पाए जाने पर उन्होंने अधिकारियों और ठेकेदारों को कड़ी फटकार लगाते हुए स्पष्ट निर्देश दिए थे कि जनता से जुड़े विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
🟠चार महत्वपूर्ण पुल परियोजनाओं में लापरवाही, कंपनी हुई ब्लैकलिस्ट
लोक निर्माण विभाग ने मेसर्स गुप्ता कंस्ट्रक्शन कंपनी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उसका पंजीयन दो वर्षों के लिए निरस्त कर दिया हैं। कंपनी कोंडागांव और कबीरधाम जिले में चार उच्च स्तरीय पुलों का निर्माण कर रही थी, लेकिन लगातार समीक्षा के बावजूद कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं मिली।विभाग के अनुसार कई बार निर्देश और नोटिस जारी करने के बाद भी निर्माण कार्य निर्धारित लक्ष्य से काफी पीछे रहे, जिसके चलते यह कठोर निर्णय लिया गया।
🟠कांकेर में भी बड़ी कार्रवाई
कांकेर जिले के आमाबेड़ा-सेमरगांव मार्ग और बोड़ागांव-खासगांव-तरादुल मार्ग पर निर्माणाधीन पुल परियोजनाओं में देरी को लेकर ठेकेदार निर्भय राम साहू का पंजीयन भी दो वर्षों के लिए निरस्त कर दिया गया है। विभाग ने माना कि लगातार चेतावनी के बावजूद कार्यों में सुधार नहीं हुआ।
🟠8 ठेकेदारों को नोटिस, जवाब के बाद तय होगी कार्रवाई
लोक निर्माण विभाग ने कांकेर, कोंडागांव, जगदलपुर और सुकमा जिले की विभिन्न सड़क परियोजनाओं में धीमी प्रगति पर आठ ठेकेदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया हैं। इन परियोजनाओं में निर्माण कार्य स्वीकृत समय-सीमा और निर्धारित माइलस्टोन से काफी पीछे पाए गए हैं।विभाग ने चेतावनी दी हैं,कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
🟠बस्तर की कनेक्टिविटी सुधारने पर सरकार का फोकस
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा,कि सड़क और पुल केवल निर्माण कार्य नहीं बल्कि जनता के विकास और सुविधा का आधार हैं। निर्माण कार्यों में देरी का असर सीधे आम लोगों पर पड़ता है। इसलिए सरकार ने तय किया है कि समय-सीमा और गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।उन्होंने कहा कि बस्तर सहित प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में बेहतर सड़क नेटवर्क विकसित करना सरकार की प्राथमिकता हैं। सभी निर्माण एजेंसियों को अनुबंध के अनुसार काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।










