न्यूज डेस्क,अंबिकापुर,छत्तीसगढ़,18जून2026
छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में हालिया बढ़ोतरी को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया हैं। अंबिकापुर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व उपमुख्यमंत्री ने, राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए बिजली दरों में वृद्धि को जनविरोधी निर्णय करार दिया। उन्होंने कहा,कि बढ़ती महंगाई के बीच बिजली की कीमतों में इजाफा आम जनता, किसानों और छोटे व्यापारियों की आर्थिक परेशानियों को और बढ़ाने वाला हैं।
टीएस सिंहदेव ने कहा,कि बिजली नियामक आयोग द्वारा घरेलू उपभोक्ताओं की विभिन्न श्रेणियों में 30, 40 और 50 पैसे प्रति यूनिट तक की वृद्धि की गई हैं। वहीं कृषि पंपों की बिजली दरों में भी बढ़ोतरी की गई हैं, जिसका सीधा असर किसानों की लागत पर पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया,कि सरकार के कार्यकाल के पिछले ढाई वर्षों में बिजली उपभोक्ताओं पर लगभग 20 प्रतिशत तक अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला गया हैं।पूर्व डिप्टी सीएम ने स्मार्ट मीटर व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई हिस्सों से ऐसी शिकायतें सामने आई हैं,कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं के बिजली बिल पहले की तुलना में अधिक आ रहे हैं। उनका आरोप था,कि उपभोक्ताओं से अधिक यूनिट और अधिक राशि वसूली जा रही हैं, जिससे लोगों में असंतोष बढ़ रहा हैं।
सिंहदेव ने कांग्रेस सरकार के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा,कि पांच वर्षों तक कांग्रेस सरकार ने बिजली दरों में कोई वृद्धि नहीं की थी। उन्होंने दावा किया,कि उस समय जनता को राहत देने पर जोर दिया गया, जबकि वर्तमान सरकार लगातार ऐसे निर्णय ले रही हैं,जिनका सीधा असर आम नागरिकों की जेब पर पड़ रहा हैं।उन्होंने कहा,कि कांग्रेस पार्टी बिजली दरों में हुई वृद्धि के खिलाफ जनता की आवाज बनकर संघर्ष कर रही हैं,और आगे भी आंदोलन जारी रखेगी। उन्होंने सरकार से बिजली दरों में की गई बढ़ोतरी पर पुनर्विचार करने तथा आम उपभोक्ताओं को राहत देने की मांग की।प्रेस वार्ता के दौरान सिंहदेव ने कहा कि लोकतंत्र में जनता की समस्याओं को उठाना विपक्ष का दायित्व हैं,और कांग्रेस बिजली बिल वृद्धि जैसे जनहित के मुद्दों पर लगातार संघर्ष करती रहेगी।











