न्यूज डेस्क,नारायणपुर,छत्तीसगढ़,20जून2026
बस्तर के अति दुर्गम और धुर नक्सल प्रभावित अबूझमाड़ क्षेत्र में मानसून की दस्तक से पहले जिला, प्रशासन ने खाद्यान्न आपूर्ति को लेकर व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। बारिश के दौरान संपर्कविहीन हो जाने वाले 39 शासकीय उचित मूल्य दुकानों में तीन माह का राशन अग्रिम रूप से भंडारित कर दिया गया हैं,ताकि ग्रामीणों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।कलेक्टर के निर्देश पर खाद्यान्न वितरण व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष निगरानी तंत्र भी तैयार किया गया हैं। प्रशासन केवल राशन पहुंचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि नोडल अधिकारी स्वयं दुर्गम क्षेत्रों में पहुंचकर भंडारित खाद्यान्न का भौतिक सत्यापन कर रहे हैं।
इसी क्रम में समाज कल्याण विभाग के उप संचालक एवं नोडल अधिकारी ने ओरछा विकासखंड के, अंदरूनी और संवेदनशील ग्राम पंचायत हांदावाड़ा के बेड़मापारा राशन दुकान का निरीक्षण किया। उन्होंने तीन माह के लिए सुरक्षित रखे गए खाद्यान्न का मौके पर सत्यापन कर भंडारण व्यवस्था, सुरक्षा मानकों और वितरण प्रणाली का जायजा लिया।खाद्य विभाग के अनुसार जिले की सभी 39 पहुंचविहीन राशन दुकानों में 100 प्रतिशत अग्रिम भंडारण का कार्य समय से पहले पूरा कर लिया गया हैं। प्रत्येक दुकान की निगरानी के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई हैं,जो लगातार व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
गौरतलब हैं,कि अबूझमाड़ क्षेत्र में बारिश के दौरान नदी-नाले उफान पर आने से कई गांवों का संपर्क मुख्यालय से कट जाता हैं। ऐसे में पहले से राशन भंडारण की व्यवस्था ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत साबित होगी। प्रशासन का कहना हैं,कि भौगोलिक चुनौतियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, दूरस्थ अंचलों के ग्रामीणों तक उनका हक हर हाल में पहुंचाया जाएगा।प्रशासन की इस पहल से अबूझमाड़ क्षेत्र के हजारों राशन कार्डधारकों को राहत मिली हैं,और मानसून के दौरान खाद्यान्न संकट की आशंका लगभग समाप्त हो गई हैं।











