संदिली सिंह,बिलासपुर,छत्तीसगढ़,25जून2026
प्रदेश स्वास्थ्य मितानिन संघ के आह्वान पर बुधवार को, बिलासपुर में मितानिनों का बड़ा शक्ति प्रदर्शन देखने को मिला। अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर जिलेभर से पहुंची हजारों मितानिनों ने शहर की सड़कों पर, विशाल रैली निकालकर सरकार का ध्यान अपनी ओर खींचा। रैली के बाद मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए मितानिनों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा।
🟠सड़कों पर उतरीं स्वास्थ्य सेवाओं की असली योद्धाएं
रैली की शुरुआत अरपा रिव्हर व्यू से हुई, जो सिम्स मेडिकल कॉलेज, प्रेस क्लब, संतोष भवन, कंपनी गार्डन और नेहरू चौक होते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंची। पूरे मार्ग में मितानिनों ने अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार नारेबाजी की और सरकार से न्याय की मांग की।रैली में महिलाओं की भारी भागीदारी ने यह संदेश दिया कि अब मितानिनें अपनी मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई लड़ने के मूड में हैं।
🟠गांव-गांव स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाती हैं,मितानिनें
संघ के पदाधिकारियों ने कहा,कि मितानिनें वर्षों से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूत कड़ी बनी हुई हैं। गर्भवती महिलाओं की देखभाल, टीकाकरण, पोषण अभियान, स्वास्थ्य जागरूकता और सरकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में उनकी अहम भूमिका रहती हैं।कोविड महामारी से लेकर विभिन्न स्वास्थ्य अभियानों तक मितानिनों ने अग्रिम पंक्ति में रहकर काम किया, लेकिन आज भी उनकी समस्याओं और मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जा रहा हैं।
🟠लंबे समय से लंबित हैं मांगें
मितानिनों का कहना हैं,कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर शासन-प्रशासन से गुहार लगा रही हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया हैं। यही वजह है कि उन्हें सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा हैं।
🟠सरकार को दिया अल्टीमेटम
कलेक्ट्रेट पहुंचकर मितानिन संघ के प्रतिनिधिमंडल ने, मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा और मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की। संघ नेताओं ने कहा,कि यदि सरकार ने जल्द समाधान नहीं निकाला तो प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
🟠स्वास्थ्य व्यवस्था पर पड़ सकता हैं,असर
मितानिनों ने चेतावनी दी कि उनकी अनदेखी जारी रही तो इसका असर स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ सकता हैं। उन्होंने कहा,कि सरकार को जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य व्यवस्था संभालने वाली मितानिनों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करना चाहिए।












