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बलरामपुर कलेक्टर बनीं प्रतियोगी छात्रों की मार्गदर्शक, UPSC तैयारी के लिए विशेषज्ञों की विशेष कार्यशाला होगी आयोजित

अर्पित तिवारी,बलरामपुर,छत्तीसगढ़,2जुलाई 2026

बलरामपुर कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने,जिला मुख्यालय स्थित जिला ग्रंथालय का आकस्मिक निरीक्षण कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे, युवाओं से सीधे संवाद किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने केवल व्यवस्थाओं का जायजा ही नहीं लिया, बल्कि छात्रों के बीच बैठकर उनकी पढ़ाई, चुनौतियों और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की। कलेक्टर ने विद्यार्थियों को सफलता के लिए सही रणनीति, समय प्रबंधन और नियमित अध्ययन का महत्व समझाते हुए आवश्यक मार्गदर्शन दिया।🟠प्रतियोगी छात्रों को दिए सफलता के महत्वपूर्ण टिप्स

कलेक्टर ने युवाओं से उनकी तैयारी, पढ़ाई के घंटे और लक्ष्य के बारे में जानकारी ली। सीजी व्यापम सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को उन्होंने सही अध्ययन सामग्री, पाठ्यक्रम की समझ और नियमित अभ्यास को सफलता की कुंजी बताया। साथ ही जरूरत की पुस्तकों की सूची ग्रंथपाल को देने के निर्देश दिए, ताकि प्रशासन जल्द से जल्द आवश्यक पुस्तकें उपलब्ध करा सके।

🟠UPSC अभ्यर्थियों के लिए होगी विशेष कार्यशाला

निरीक्षण के दौरान यूपीएससी की तैयारी कर रही छात्रा महिमा प्रजापति ने सिलेबस और तैयारी को लेकर मार्गदर्शन मांगा। इस पर कलेक्टर ने अपने मोबाइल से यूपीएससी का सिलेबस, पुराने प्रश्नपत्र और अध्ययन सामग्री दिखाकर तैयारी के तरीके समझाए। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को यूपीएससी अभ्यर्थियों की सूची तैयार कर बाहर से विशेषज्ञ शिक्षकों को बुलाकर विशेष कार्यशाला आयोजित कराने के निर्देश भी दिए।

🟠जिला ग्रंथालय में खुलेगी मिलेट्स कैंटीन

छात्रों की मांग पर कलेक्टर ने ग्रंथालय परिसर में महिला स्व-सहायता समूह के माध्यम से कैंटीन शुरू कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया,कि कैंटीन में जंक फूड के बजाय रागी, कोदो, कुटकी जैसे मिलेट्स से बने पौष्टिक खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराए जाएं, ताकि प्रतियोगी छात्रों को बेहतर पोषण मिल सके।

🟠कंप्यूटर और इंटरनेट का बेहतर उपयोग करने की सलाह

कलेक्टर ने विद्यार्थियों को ग्रंथालय में उपलब्ध कंप्यूटर, इंटरनेट, पत्र-पत्रिकाओं और करंट अफेयर्स का नियमित उपयोग करने की सलाह दी। उन्होंने कहा,कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए निरंतर अध्ययन, सही दिशा और अनुशासन सबसे महत्वपूर्ण हैं।

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