संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,8जुलाई2026
छत्तीसगढ़ की महान पंडवानी गायिका और पद्म विभूषण से सम्मानित स्व. डॉ. तीजन बाई को 8 जुलाई को संगीतमय श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित यह श्रद्धांजलि समारोह दोपहर 2 बजे महंत घासीदास संग्रहालय परिसर स्थित मुक्ताकाशी मंच पर आयोजित होगा, जहां प्रदेश के लोक कलाकार अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि देंगे।कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, मंत्रीगण, सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि, पद्मश्री एवं राज्य अलंकरण से सम्मानित कलाकार, साहित्यकार, संस्कृति कर्मी तथा बड़ी संख्या में कला प्रेमी शामिल होंगे।
🟠लोककला की महान साधिका को नमन
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में पंडवानी, लोकगायन, गीत-संगीत और अन्य लोककलाओं की प्रस्तुतियों के माध्यम से स्व. तीजन बाई के व्यक्तित्व और कृतित्व को याद किया जाएगा। यह आयोजन केवल श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को नमन करने का अवसर भी होगा।
🟠गांव की चौपाल से विश्व मंच तक का सफर
5 जुलाई 2026 को स्व. तीजन बाई के निधन से देश-विदेश के कला जगत में शोक की लहर दौड़ गई। दुर्ग जिले के गनियारी गांव में जन्मी तीजन बाई ने महज 13 वर्ष की उम्र में पंडवानी की शुरुआत की और अपनी दमदार आवाज, प्रभावशाली अभिनय तथा कपालिक शैली की प्रस्तुति से इस लोककला को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई।प्रख्यात रंगकर्मी हबीब तनवीर के मार्गदर्शन में उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी अलग पहचान बनाई तथा 17 से अधिक देशों में पंडवानी का प्रदर्शन कर छत्तीसगढ़ की संस्कृति को विश्वभर में गौरवान्वित किया।
🟠अनेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान
स्व. तीजन बाई को उनके अद्वितीय सांस्कृतिक योगदान के लिए पद्मश्री (1988), संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार (1995), पद्मभूषण (2003), फुकुओका पुरस्कार (2018), पद्म विभूषण (2019) और डी.लिट. (मानद उपाधि) सहित कई प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित किया गया था।












