अर्पित तिवारी,बलरामपुर,छत्तीसगढ़,8जुलाई 2026
बारिश का मौसम शुरू होते ही जंगलों और ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में उगने वाले जंगली पुटू (जंगली मशरूम) अब लोगों की सेहत के लिए गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं। जिले में जंगली पुटू के सेवन से लोगों के बीमार होकर अस्पताल पहुंचने की घटनाओं के बाद स्वास्थ्य विभाग ने हाई अलर्ट जारी करते हुए,आम नागरिकों से किसी भी अज्ञात जंगली पुटू का सेवन नहीं करने की अपील की हैं।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. विजय कुमार सिंह ने बताया कि ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में बरसात के दौरान कई प्रकार के जंगली मशरूम उग आते हैं। इनमें से अधिकांश जहरीले हो सकते हैं, जिन्हें पहचानना आम लोगों के लिए बेहद कठिन होता हैं। ऐसे में स्वाद या पुराने अनुभव के आधार पर इनका सेवन करना जानलेवा साबित हो सकता हैं।
🟠सेवन के कुछ ही घंटों में बिगड़ सकती हैं,हालत
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जंगली पुटू खाने के 30 मिनट से 6 घंटे के भीतर तेज उल्टी, लगातार दस्त, पेट में असहनीय दर्द, चक्कर आना, अत्यधिक पसीना आना और कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।यदि समय पर इलाज नहीं मिला तो,स्थिति और गंभीर हो सकती हैं। जहरीले मशरूम के प्रभाव से लीवर और किडनी फेल होना, बेहोशी, दौरे पड़ना, चेतना खत्म होना जैसी जटिलताएं भी हो सकती हैं। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए इसका खतरा कई गुना अधिक हैं।
🟠भूलकर भी न करें लापरवाही
सीएमएचओ ने स्पष्ट कहा हैं,कि जंगली पुटू खाने के बाद यदि किसी भी प्रकार के असामान्य लक्षण दिखाई दें तो घरेलू उपचार या झाड़-फूंक में समय बर्बाद न करें। मरीज को तत्काल नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या जिला अस्पताल लेकर जाएं, क्योंकि समय पर इलाज से गंभीर स्थिति से बचा जा सकता हैं।
🟠स्वास्थ्य विभाग की विशेष अपील
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की हैं,कि केवल प्रमाणित और सुरक्षित मशरूम का ही सेवन करें। जंगलों में मिलने वाले किसी भी अज्ञात मशरूम को खाने योग्य मानने की गलती न करें। साथ ही इस जनजागरूकता संदेश को अपने परिवार, गांव और आसपास के लोगों तक जरूर पहुंचाएं, ताकि बरसात के मौसम में होने वाली इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।स्वास्थ्य विभाग का कहना हैं,कि थोड़ी-सी सावधानी आपकी और आपके परिवार की जान बचा सकती हैं।












