न्यूज डेस्क,धरमजयगढ़,छत्तीसगढ़,10जुलाई 2026
रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ विकासखंड के ग्राम पंचायत कामोंसिंडाड (कमोशीनडाड) से एक बेहद मार्मिक मामला सामने आया हैं। मुख्यालय से करीब 20–25 किलोमीटर दूर रहने वाला एक दिव्यांग व्यक्ति आज भी ट्राइसाइकिल जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित है और हाथों के सहारे चलकर अपना जीवन गुजारने को मजबूर हैं। यह तस्वीर दूरस्थ क्षेत्रों तक सरकारी योजनाओं की पहुंच पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।दिव्यांग ने बताया,कि वह बस से धरमजयगढ़ पहुंचा था। बातचीत के दौरान उसने कहा कि कई बार ग्राम पंचायत के माध्यम से ट्राइसाइकिल और अन्य सहायता के लिए आवेदन व अनुरोध किया, लेकिन अब तक उसे किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिला। आर्थिक तंगी और पहाड़ी क्षेत्र की कठिन परिस्थितियों के कारण उसकी रोजमर्रा की जिंदगी बेहद मुश्किल हो गई हैं।
🟠कई बार लगाई गुहार, फिर भी नहीं मिली मदद
दिव्यांग का कहना हैं,कि हर बार केवल आश्वासन मिला, लेकिन कोई ठोस सहायता नहीं मिली। ट्राइसाइकिल के अभाव में उसे हर छोटी-बड़ी जरूरत के लिए हाथों के सहारे चलना पड़ता हैं। स्थानीय ग्रामीणों का भी कहना हैं,कि पात्र हितग्राहियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचना चाहिए, ताकि किसी को इस तरह की कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।
🟠मीडिया में मामला आने के बाद प्रशासन हरकत में
मामला सामने आने के बाद जनपद पंचायत धरमजयगढ़ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) मदनलाल साहू ने इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित पंचायत के प्रति नाराजगी जताई। उन्होंने आश्वासन दिया कि पात्रता के अनुसार दिव्यांग को ट्राइसाइकिल सहित अन्य आवश्यक सरकारी सुविधाएं प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराई जाएंगी।सीईओ ने कहा कि शासन की मंशा हैं,कि कोई भी पात्र हितग्राही योजनाओं से वंचित न रहे। यदि किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो उसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।












