न्यूज डेस्क,चंद्रपुर,छत्तीसगढ़,17जुलाई 2026
बारिश का मौसम शुरू होते ही जहां नदियों से रेत उत्खनन पर प्रतिबंध लागू हो जाता हैं,वहीं चंद्रपुर नगर पंचायत क्षेत्र में महानदी के बीचों-बीच कथित अवैध रेत खनन धड़ल्ले से जारी हैं। मुक्तिधाम के पीछे नदी के, भीतर दर्जनों ट्रैक्टरों से रेत निकाले जाने की सूचना और तस्वीरों ने प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
🟠नदी के बीचों-बीच चल रहा खनन
स्थानीय लोगों के अनुसार महानदी में पानी आने के बावजूद ट्रैक्टरों से लगातार रेत निकाली जा रही हैं। बरसात के दौरान खनन पर रोक के बावजूद खुलेआम हो रही इस गतिविधि से लोगों में नाराजगी हैं। उनका कहना हैं,कि इससे न केवल शासन को राजस्व का नुकसान हो रहा हैं,बल्कि नदी का प्राकृतिक संतुलन भी प्रभावित हो सकता हैं।
🟠आखिर किसकी शह पर चल रहा खेल?
सबसे बड़ा सवाल यह हैं,कि इतनी बड़ी संख्या में ट्रैक्टर नदी के भीतर कैसे पहुंच रहे हैं? यदि खनन प्रतिबंधित हैं,तो संबंधित विभागों की निगरानी कहां हैं? स्थानीय नागरिकों का आरोप हैं,कि कार्रवाई के अभाव में रेत माफियाओं के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं।
🟠हादसे और पर्यावरण दोनों पर खतरा
विशेषज्ञों का मानना हैं,कि बरसात के दौरान नदी में रेत उत्खनन बेहद जोखिम भरा होता हैं। अचानक जलस्तर बढ़ने से बड़ी दुर्घटना हो सकती हैं। साथ ही अनियंत्रित खनन से नदी के बहाव, तटों की मजबूती और जैव विविधता पर भी गंभीर असर पड़ने की आशंका रहती हैं।
🟠निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन, खनिज विभाग और राजस्व विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की हैं। साथ ही बारिश के मौसम में महानदी से रेत निकासी पर प्रभावी रोक सुनिश्चित करने की अपील की हैं।











