अर्पित तिवारी,बलरामपुर,छत्तीसगढ़,18जुलाई 2026
ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक घर तक सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से,जल जीवन मिशन के तहत बलरामपुर जिले में जल गुणवत्ता परीक्षण अभियान को गति दी जा रही हैं। कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन में वर्ष 2026-27 के लिए जिलेभर में जल परीक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों की ‘जल बहनों’ को फील्ड टेस्ट किट (FTK) के उपयोग का,प्रशिक्षण देकर पेयजल की नियमित जांच के लिए तैयार किया जा रहा हैं।
🟠जल बहनों को दिया गया एफटीके (FTK) प्रशिक्षण
विकासखंड कुसमी के ग्राम पंचायत नीलकंठपुर में, आयोजित कार्यक्रम में जल संरक्षण का संदेश देते हुए, जल बहनों को फील्ड टेस्ट किट (FTK) के माध्यम से पेयजल की गुणवत्ता जांचने का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में पानी की जांच की प्रक्रिया, जल स्रोतों के संरक्षण और जल जीवन मिशन की विभिन्न गतिविधियों की विस्तृत जानकारी साझा की गई।
🟠व्यावहारिक प्रशिक्षण के साथ बांटी गई टेस्ट किट
इसी तरह रामचंद्रपुर विकासखंड के ग्राम रामपुर में भी जल बहनों को पानी के नमूनों की जांच की व्यावहारिक विधि सिखाई गई। वहीं कुसमी विकासखंड के ग्राम स्याही में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान जल बहनों को फील्ड टेस्ट किट का वितरण भी किया गया, ताकि वे अपने गांवों में नियमित रूप से पेयजल की गुणवत्ता की जांच कर सकें और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
🟠ग्रामीण भागीदारी से सुरक्षित पेयजल पर जोर
जल जीवन मिशन के तहत आयोजित इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य ग्रामीण समुदाय की भागीदारी बढ़ाना, स्थानीय स्तर पर जल गुणवत्ता की नियमित निगरानी सुनिश्चित करना और सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल के प्रति जनजागरूकता विकसित करना हैं। जिला प्रशासन का लक्ष्य हैं,कि प्रत्येक गांव में प्रशिक्षित जल बहनों के माध्यम से समय-समय पर पानी की जांच हो और ग्रामीणों को गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध हो सके।











