न्यूज डेस्क,जशपुर,छत्तीसगढ़,19जुलाई 2026
जशपुर जिले के अजाक थाना क्षेत्र में पैतृक कृषि भूमि को लेकर हुए,विवाद ने गंभीर आपराधिक रूप ले लिया हैं। ग्राम टुकूपखना (थाना पत्थलगांव) निवासी संजय बड़ा और उनके परिवार की शिकायत पर पुलिस ने, सरपंच समेत 10 लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी हैं।
🟠खेत में घुसकर फसल नष्ट करने और कब्जे की कोशिश का आरोप
शिकायत के अनुसार, 17 जुलाई 2026 की सुबह करीब 10 बजे आरोपी हथियारों के साथ शिकायतकर्ता के पैतृक खेत में पहुंचे। आरोप हैं,कि उन्होंने परिवार को खेत से जबरन बाहर निकाल दिया और दो ट्रैक्टरों से खेत में लगी धान की फसल को रौंदकर नष्ट कर दिया। साथ ही जमीन पर अवैध कब्जा करने का प्रयास भी किया गया।
🟠विरोध करने पर महिलाओं से मारपीट और छेड़छाड़ का आरोप
पीड़ित परिवार का आरोप हैं,कि विरोध करने पर संजय बड़ा की माता मीलो बड़ा के साथ मारपीट कर उन्हें धक्का देकर गिरा दिया गया। बीच-बचाव करने पहुंची उनकी बहन ससीता बड़ा के साथ अश्लील हरकत, छेड़छाड़ और जबरन घसीटने का प्रयास किया गया। शिकायत में यह भी कहा गया हैं,कि आरोपियों ने जातिसूचक अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करते हुए जान से मारने और दुष्कर्म की धमकी दी।
🟠सरपंच सहित 10 आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज
अजाक थाना जशपुर पुलिस ने शिकायत के आधार पर भगवानों यादव, प्रेमचंद, नरेंद्र यादव, पदमन, दिलबंधु, जगबंधु, नवीन यादव, बिछी यादव, दसई यादव और गरीब साय (सरपंच) के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के तहत मामला दर्ज किया हैं। पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी हैं।
🟠पुलिस बोली साक्ष्यों के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई
जशपुर पुलिस ने कहा हैं,कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी तथ्यों की निष्पक्ष एवं विधिसम्मत जांच की जा रही हैं। जांच के दौरान प्राप्त साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।











