न्यूज डेस्क,अंबिकापुर,छत्तीसगढ़,19जुलाई 2026
सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत पुहपुटरा के चिलबिल पंडोपारा में,बदहाल सड़क के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा अब खुलकर सामने आ गया हैं। वर्षों से सड़क निर्माण की मांग पूरी नहीं होने से,नाराज ग्रामीणों ने अनोखा विरोध प्रदर्शन करते हुए कीचड़ और गड्ढों से भरी सड़क पर धान की रोपाई कर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की।ग्रामीणों का कहना हैं, कि वे पिछले 10 वर्षों से सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं,लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। बरसात शुरू होते ही सड़क पूरी तरह दलदल में बदल जाती हैं। बड़े-बड़े गड्ढों और कीचड़ के कारण गांव तक पहुंचना मुश्किल हो गया हैं। ग्रामीणों का आरोप हैं,कि यह क्षेत्र प्रदेश के कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल के विधानसभा क्षेत्र में आता हैं,बावजूद इसके सड़क की हालत वर्षों से नहीं सुधरी।
🟠एम्बुलेंस नहीं पहुंचती, मरीजों को खाट पर ले जाना पड़ता हैं
ग्रामीणों ने बताया,कि सड़क की बदहाली का सबसे बड़ा असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा हैं। आपात स्थिति में एम्बुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती, जिससे गंभीर मरीजों और गर्भवती महिलाओं को करीब 2 किलोमीटर तक खाट पर उठाकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता हैं। कई बार इलाज में देरी से स्थिति और गंभीर हो जाती हैं।
🟠स्कूली बच्चों की जान रोज खतरे में
चिलबिल पंडोपारा के बच्चे प्रतिदिन इसी सड़क से स्कूल आते-जाते हैं। बारिश के दौरान सड़क पर फिसलन और गहरे गड्ढों के कारण बच्चे अक्सर गिरकर चोटिल हो जाते हैं। ग्रामीणों का कहना हैं,कि सड़क अब केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि हर दिन हादसों का कारण बन गई हैं।
🟠सड़क पर धान रोपकर जताया विरोध
प्रशासन तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए ग्रामीणों ने सड़क पर धान की रोपाई कर अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। उनका कहना हैं,कि जब सड़क खेत जैसी हो गई है, तो उसमें धान ही बोया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी,कि यदि जल्द सड़क निर्माण नहीं कराया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
🟠पंडो जनजाति के परिवारों ने उठाए सवाल
विशेष पिछड़ी पंडो जनजाति के ग्रामीणों का आरोप हैं, कि उनकी समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही हैं। पंचायत स्तर पर केवल औपचारिकताएं पूरी होती हैं,लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल सड़क निर्माण कर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने की मांग की हैं।












