संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,20जुलाई2026
छत्तीसगढ़ के पर्यटन क्षेत्र को नई गति देने की दिशा में, सोमवार को महत्वपूर्ण पहल हुई। रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड मुख्यालय में पर्यटन मंडल की, 38वीं संचालक मंडल बैठक आयोजित हुई,जिसमें प्रदेश के पर्यटन विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर व्यापक चर्चा करते हुए,भविष्य की रणनीति तैयार की गई। बैठक में पर्यटन अधोसंरचना को मजबूत करने, नई परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन, निवेश बढ़ाने, पर्यटक सुविधाओं के विस्तार तथा प्रदेश की प्राकृतिक, धार्मिक, सांस्कृतिक और जनजातीय विरासत को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी पहचान दिलाने पर विशेष जोर दिया गया।बैठक की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने की। इस अवसर पर पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, प्रबंध संचालक विवेक आचार्य, अवर सचिव रुचि शर्मा, उपमहाप्रबंधक पूनम शर्मा, संस्कृति विभाग के संचालक संजय कन्नौजे सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं संचालक मंडल के सदस्य उपस्थित रहे।
🟠पौधारोपण से हुई बैठक की शुरुआत
बैठक का शुभारंभ पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ किया गया। इस दौरान अधिकारियों ने एक-दूसरे को, पौधे भेंट कर हरित छत्तीसगढ़ और सतत पर्यटन विकास का संकल्प लिया। पर्यटन बोर्ड ने स्पष्ट किया कि भविष्य की पर्यटन योजनाओं में पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को प्राथमिकता दी जाएगी।
🟠पर्यटन परियोजनाओं की हुई विस्तृत समीक्षा
बैठक में प्रदेशभर में संचालित पर्यटन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने पर्यटन स्थलों पर मूलभूत सुविधाओं के विस्तार,अधोसंरचना विकास, पर्यटकों के लिए बेहतर अनुभव, सुरक्षा व्यवस्था और आधुनिक सुविधाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की।इसके साथ ही नए पर्यटन स्थलों के विकास, पर्यटन निवेश को आकर्षित करने, स्थानीय रोजगार सृजन, सांस्कृतिक आयोजनों के विस्तार और पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझावों पर विचार किया गया।
🟠राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बनेगी नई पहचान
बैठक में यह निर्णय लिया गया,कि छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक धरोहर, जनजातीय संस्कृति और ऐतिहासिक स्थलों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा, ताकि प्रदेश देश-विदेश के पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन सके। इसके लिए आधुनिक प्रचार अभियान, डिजिटल प्रमोशन और पर्यटन ब्रांडिंग को भी गति देने की रणनीति तैयार की गई।
🟠रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी,कि पर्यटन विकास को स्थानीय समुदाय से जोड़कर रोजगार के नए अवसर सृजित किए जाएंगे। पर्यटन परियोजनाओं में स्थानीय लोगों की सहभागिता बढ़ाने के साथ-साथ हस्तशिल्प, संस्कृति, लोककला और पारंपरिक व्यंजनों को भी पर्यटन से जोड़ा जाएगा।पर्यटन मंडल ने विश्वास व्यक्त किया कि बैठक में लिए गए निर्णयों से छत्तीसगढ़ का पर्यटन क्षेत्र नई ऊंचाइयों पर पहुंचेगा और प्रदेश देश के प्रमुख पर्यटन राज्यों में अपनी विशिष्ट पहचान को और मजबूत करेगा।












