बलरामपुर बना जल संरक्षण की मिसाल : महज एक महीने में किसानों ने बनाए 54 हजार से अधिक वर्षा जल संरक्षण मॉडल, बारिश से भरने लगे खेतों के जल गड्ढे

अर्पित तिवारी,बलरामपुर,छत्तीसगढ़,23जुलाई 2026

जल संकट से निपटने और वर्षा जल की प्रत्येक बूंद को,संरक्षित करने के उद्देश्य से,बलरामपुर जिले में चलाया जा रहा ‘मोर गांव, मोर पानी’ अभियान अब जनआंदोलन का रूप ले चुका हैं। कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देशन एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी के, मार्गदर्शन में संचालित इस अभियान के तहत किसानों ने केवल एक महीने में 54,179 से अधिक वर्षा जल संरक्षण मॉडल स्ट्रक्चर तैयार कर एक नई मिसाल पेश की हैं।मानसून की बारिश शुरू होते ही खेतों में बनाए गए ये छोटे-छोटे जल संरक्षण गड्ढे पानी से भरने लगे हैं। इससे वर्षा जल का स्थानीय स्तर पर संरक्षण हो रहा हैं,भू-जल का पुनर्भरण बढ़ रहा हैं,और खेतों में लंबे समय तक नमी बनी रहने से किसानों को भविष्य में सिंचाई के लिए भी लाभ मिलेगा।🟠63,800 का लक्ष्य, 54 हजार से अधिक संरचनाएं तैयार

जिले में 63,800 मॉडल स्ट्रक्चर तैयार करने का लक्ष्य रखा गया था। इसके मुकाबले अब तक 54,179 से अधिक संरचनाओं का निर्माण और जियो टैगिंग पूरी की जा चुकी हैं। हालिया बारिश के बाद इन संरचनाओं में जलभराव होना अभियान की सफलता का प्रत्यक्ष प्रमाण माना जा रहा हैं।

🟠छोटे प्रयासों से तैयार हो रही बड़ी जल क्रांति

खेतों में बनाए गए ये छोटे-छोटे मॉडल स्ट्रक्चर अब जल संरक्षण की बड़ी मुहिम का आधार बन रहे हैं। हजारों किसानों की भागीदारी से यह अभियान न केवल वर्षा जल को सहेज रहा हैं,बल्कि भविष्य में जल संकट, गिरते भू-जल स्तर और सिंचाई की समस्याओं के समाधान की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

🟠कलेक्टर ने किसानों की भागीदारी को बताया प्रेरणादायक

कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा,कि जल संरक्षण केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी हैं। उन्होंने किसानों की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए कहा,कि जब प्रशासन और समाज मिलकर कार्य करते हैं,तब छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव का आधार बन जाते हैं। बलरामपुर की यह पहल प्रदेश के अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन रही हैं।

🟠जल सुरक्षा की दिशा में मजबूत पहल

जिला प्रशासन का उद्देश्य वर्षा जल की अधिकतम मात्रा को स्थानीय स्तर पर संरक्षित कर भविष्य की जल आवश्यकताओं को सुरक्षित करना हैं। किसानों की सहभागिता और प्रशासन की सतत निगरानी से, जल शक्ति अभियान जिले में लगातार प्रभावी हो रहा हैं,और आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में मजबूत कदम साबित हो रहा हैं।

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