न्यूज डेस्क,जशपुर,छत्तीसगढ़,30जुलाई 2026
जशपुर जिले के बहुचर्चित संतोष भगत हत्याकांड में, न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाते हुए,आरोपी पत्नी मंगरीता भगत (45 वर्ष) को पति की नृशंस हत्या और साक्ष्य छिपाने का दोषी ठहराते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई हैं। यह फैसला द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश बलराम कुमार देवांगन की अदालत ने सुनाया।
🟠क्या था पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, 7 नवंबर 2025 की रात थाना दुलदुला क्षेत्र के ग्राम भिंजपुर में घरेलू विवाद के दौरान, मंगरीता भगत ने रसोई में रखे सील-पत्थर से अपने पति संतोष भगत के सिर और कान के पास कई वार किए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।हत्या के बाद आरोपी ने फर्श पर फैले खून के निशान साफ किए और शव को मोड़कर एक बड़े ट्रॉली सूटकेस में भरकर छिपा दिया, ताकि अपराध के साक्ष्य नष्ट किए जा सकें।
🟠दो दिन बाद खुला राज
9 नवंबर 2025 को मृतक की बेटी और अन्य परिजनों ने घर का ताला खोलने पर सूटकेस के अंदर शव देखा। सूचना मिलते ही थाना दुलदुला पुलिस मौके पर पहुंची और वैज्ञानिक तरीके से जांच शुरू की।
🟠वैज्ञानिक जांच बनी सबसे बड़ा सबूत
जांच अधिकारी निरीक्षक कृष्ण कुमार साहू ने नए आपराधिक कानूनों के तहत ई-साक्ष्य ऐप के माध्यम से डिजिटल साक्ष्य जुटाए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफएसएल रिपोर्ट, जब्ती, मेमोरेंडम और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों ने आरोपी के खिलाफ मजबूत सबूत पेश किए।एफएसएल जांच में सूटकेस, सील-पत्थर, आरोपी के कपड़ों और अन्य जब्त वस्तुओं पर मानव रक्त मिलने की पुष्टि हुई, जिसने अभियोजन पक्ष के मामले को और मजबूत किया।
🟠अभियोजन की मजबूत पैरवी
अपर लोक अभियोजक पुष्पा सिंह ने न्यायालय में, परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की मजबूत श्रृंखला प्रस्तुत करते हुए साबित किया कि हत्या आरोपी ने ही की थी। अदालत ने अभियोजन के तर्कों से सहमति जताते हुए आरोपी को दोषी करार दिया।
🟠अदालत की सख्त टिप्पणी
निर्णय सुनाते हुए न्यायालय ने कहा,कि अपने ही पति की नृशंस हत्या कर शव को सूटकेस में छिपाने का प्रयास केवल अपराध नहीं,बल्कि सामाजिक और पारिवारिक मूल्यों पर गंभीर आघात हैं। ऐसे जघन्य अपराधों में किसी भी प्रकार की नरमी न्याय और समाज, दोनों के हित में उचित नहीं हैं।
🟠अदालत द्वारा सुनाई गई सजा
🔸️धारा 103(1), भारतीय न्याय संहिता (BNS) – सश्रम आजीवन कारावास एवं ₹1,000 अर्थदंड।
🔸️धारा 238(क), भारतीय न्याय संहिता (BNS) – 3 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹500 अर्थदंड।
🔸️जशपुर पुलिस ने कहा कि गंभीर अपराधों की निष्पक्ष, वैज्ञानिक और प्रभावी विवेचना कर दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए पुलिस लगातार प्रतिबद्ध हैं।











