संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,30जुलाई 2026
छत्तीसगढ़ सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने और गंभीर बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाया हैं। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने प्रेस वार्ता में बताया,कि मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत अब तक 34.29 लाख से अधिक लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा चुका हैं,जो लक्षित आबादी का लगभग 99 प्रतिशत हैं।उन्होंने कहा,कि सरकार का लक्ष्य हैं,कि मलेरिया से प्रदेश में एक भी मौत न हो। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी सतर्कता के साथ जांच, उपचार, सर्वेक्षण और जनजागरूकता अभियान चला रहा हैं।
🟠मलेरिया नियंत्रण में बड़ी सफलता
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया,कि रणनीतिक कार्ययोजना और जनसहभागिता के कारण बस्तर संभाग में मलेरिया पॉजिटिविटी दर 4.60% से घटकर 0.48% रह गई हैं। वहीं राज्य का वार्षिक परजीवी सूचकांक (API) 5.21 से घटकर 0.90 तक पहुंच गया हैं,जो मलेरिया नियंत्रण की दिशा में बड़ी उपलब्धि हैं।
🟠34 लाख लोगों की स्वास्थ्य जांच
मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के दौरान—
🔸️34.29 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच हुई।
🔸️मलेरिया, टीबी, सिकल सेल, कुष्ठ रोग और मुख कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की पहचान की गई।
🔸️60 हजार से अधिक गंभीर मरीजों को उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया गया।
🔸️10,938 हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं की विशेष निगरानी और उपचार सुनिश्चित किया गया।
🟠मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर विशेष फोकस
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया,कि पिछले ढाई वर्षों में 11.89 लाख से अधिक संस्थागत प्रसव कराए गए हैं। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं की नियमित विशेषज्ञ जांच और हाई-रिस्क गर्भावस्थाओं की समय पर पहचान कर उपचार किया जा रहा हैं।
🟠375 नई एम्बुलेंस से मजबूत हुई आपात सेवा
प्रदेश में 375 नई 108 संजीवनी एक्सप्रेस एम्बुलेंस शुरू की गई हैं। जनवरी 2024 से जून 2026 के बीच 6.50 लाख से अधिक लोगों को समय पर आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।
🟠1,051 स्वास्थ्य संस्थानों में आधुनिक जांच सुविधा
स्वास्थ्य विभाग ने HLL Lifecare Limited के सहयोग से 1,051 स्वास्थ्य संस्थानों में आधुनिक पैथोलॉजी जांच सेवाएं शुरू की हैं। हब एंड स्पोक मॉडल और आईटी आधारित रिपोर्टिंग प्रणाली के जरिए दूरस्थ क्षेत्रों तक भी गुणवत्तापूर्ण जांच सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं।
🟠सभी मेडिकल कॉलेजों में शुरू होंगे पैरामेडिकल कोर्स
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया,कि प्रदेश के सभी 10 मेडिकल कॉलेजों में जल्द ही पैरामेडिकल पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इससे स्वास्थ्य संस्थानों को प्रशिक्षित मानव संसाधन मिलेगा और युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे।
🟠एनॉलॉग पनीर पर सख्ती
खाद्य सुरक्षा को लेकर स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को एनॉलॉग पनीर के उपयोग और बिक्री पर प्रभावी प्रतिबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा, कि आम लोगों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं,और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।











